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Monday, 31 March 2014

असेसमेंट टेस्ट में बैठे बिना अगली कक्षा में पहुंचे बच्चे

अम्बाला सिटी : पहली बार बच्चों का लर्निंग लेवल जानने के लिए शिक्षा विभाग ने असेसमेंट टेस्ट शुरू किया था। यह टेस्ट 25-28 मार्च तक हुआ। जिले में सैकड़ों उन बच्चों का लेवल नहीं जांचा जा सका, जिन बच्चों ने टेस्ट नहीं दिया। जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर थे, उनके टेस्ट में न पहुंचने पर उनके शिक्षकों ने राहत की सांस ली होगी, क्योंकि टेस्ट से टीचर की भी एसीआर खराब होने वाली थी। 
चारों ब्लॉक में सबसे ज्यादा बच्चे ब्लॉक एक के स्कूलों में असेसमेंट टेस्ट देने के लिए आए। इस ब्लॉक के स्कूलों के 90 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों ने टेस्ट में हिस्सा लिया। चाहे उनका लर्निंग लेवल कुछ भी रहा हो, लेकिन अन्य ब्लॉक के स्कूलों में इससे कम बच्चे टेस्ट में आए। असेसमेंट टेस्ट तीसरी व पांचवींं का लिया गया था। 
तीन विषय का था टेस्ट : 
टेस्ट दोनों कक्षाओं के बच्चों का गणित, हिंदी तथा अंग्रेजी के विषयों का लिया गया। इस टेस्ट का मकसद था कि सालभर में बच्चों ने जो कुछ सीखा, उसे जांचा जा सके।
"पहली बार टेस्ट लिया गया। छात्रों का रिस्पांस बढिय़ा रहा है। छात्रों ने पूरी उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चों के अभिभावक भी चाहते हैं कि असेसमेंट टेस्ट हो।"--सुधीर कालड़ा, ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन अफसर, अम्बाला।                               db

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