*** सब भाई-बहनों को रक्षा बंधन मुबारक! *** : हरियाणा एजुकेशनल न्यूज़ ग्रुप
बांध रही हूँ राखी मैं भैया, पर एक वचन देना होगा; नहीं कभी भी बेटी से जीवन में घृणा करना होगा; बाप बनोगे कल तुम लेकिन बेटी को भी अपनाओगे, करके जांच गर्भ में उसकी हत्या नहीं कराओगे; मां, बुआ, चाची, भाभी सब किसी-न-किसी की बेटी हैं; यह जो तेरी बहना है, यह भी तो पापा की बेटी है; बेटी अगर नहीं होगी तो बहू कहाँ से लाओगे? अपने बेटे के हाथों में राखी किससे बँधवाओगे?
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.