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Thursday, 19 January 2017

सर्दी में चढ़ा कर्मियों का पारा

** 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने सहित कई मांगों की अनदेखी से खफा सीएम से मिले कर्मचारी
चंडीगढ़ : कड़ाके की सर्दी में कर्मचारियों का पारा गर्म है। सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और समान काम के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों की अनदेखी से खफा विभिन्न कर्मचारी संगठन बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक से मिले।
इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने जायज मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई तो साथ ही सुनवाई न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी भी दे डाली। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने निवास पर लोगों की सुनवाई की, जबकि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ एक जनवरी 2016 से देने वाला पहला राज्य हरियाणा है। 
सीएम से मिला मौलिक अध्यापक संघ : 
मौलिक अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रधान मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चंडीगढ़ स्थित आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पवन कुमार, राहुल व अशोक यादव ने शिक्षकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाते हुए इनके निपटारे की मांग की। विशेष तौर पर स्थायी अंतर जिला स्थानांतरण नीति को तुरंत प्रभाव से लागू करने की गुहार लगाई। शिक्षा विभाग के अतिरिक्तमुख्य सचिव पीके दास ने जायज मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाया। 
बेरोजगार कंप्यूटर शिक्षकों ने बयां किया दर्द : 
हरियाणा बेरोजगार कंप्यूटर शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला और बहाली की गुहार लगाई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने मुख्यमंत्री को पूरी चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि वे कब और कैसे नियुक्त हुए थे। 
इस पर सीएम ने प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास से कहा कि अगर ये कंप्यूटर शिक्षक मेरिट के आधार पर भर्ती हुए हैं तो इन्हें नई भर्ती में समायोजित किया जा सकता है। 
हेमसा ने प्रधान सचिव को सौंपा ज्ञापन : 
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान संदीप सांगवान व महासचिव कमलजीत बख्तवा की अगुवाई में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पीके दास से मिला और ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि खंड कार्यालय व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में हजारों पद वषों से लंबित पड़े हैं।

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