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Saturday, 24 February 2018

विधान सभा में उठाई जाए शिक्षकों की समस्या

** प्राथमिक शिक्षकों ने विधायक को सौंपा ज्ञापन, बोले- सातवें वेतन आयोग की विसंगति दूर हो
रतिया : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा जिला फतेहाबाद का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान विकास टुटेजा की नेतृत्व में रतिया विधायक प्रो. रविन्द्र बलियाला से मिला और प्राथमिक शिक्षकों की पिछले काफी समय से लंबित मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों के इस प्रतिनिधिमंडल में राज्य मुख्य सलाहकार देवेन्द्र दहिया, राज्य कानूनी सलाहकार दलीप बिश्नोई, जिला महासचिव विनोद मूंड, प्रदीप छिल्लर व संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। राज्य मुख्य सलाहकार देवेन्द्र दहिया ने विधायक को बताया कि आज सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के चलते प्राथमिक शिक्षक अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण ही आज प्राथमिक शिक्षा निचले पायदान पर पहुंच गई है। शिक्षा की नींव कहलाए जाने वाले प्राथमिक स्कूलों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ की अधिकारियों से कई दौर की बातचीत भी हुई परंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकार हर बार आश्वासन देती है परंतु हर बार सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारी प्राथमिक शिक्षकों की मांगों का नजरअंदाज कर देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से मांग की कि वे प्राथमिक शिक्षकों की सभी मांगों को आगामी विधानसभा सत्र के दौरान पुरजोर तरीके से रखे। विधायक रविन्द्र बलियाला ने प्रतिनिधिमंडल को आश्र्वस्त किया कि क्योंकि वो स्वयं एक शिक्षक है इसलिए प्रदेश के किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

ये रखी मुख्य मांगे 
  • अंतरजिला तबादला नीति में संघ के सुझाव मानकर तबादला करना।
  • वर्ष 2000 में नियुक्त 3206 शिक्षकों को पदोन्नति लाभ देना।
  • नई पेंशन योजना को बंद करके पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना।
  • प्राथमिक स्कूलों का विलय करने की नीति रद करना।
  • छठे वेतन आयोग के तहत प्राथमिक शिक्षकों का वेतन 16290 दिया जाए।
  • सातवें वेतन आयोग की विसंगति दूर हो।
  • मुख्य शिक्षक से लेकर पीजीटी के पदों तक पदोन्नत हो।

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