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Monday, 30 April 2018

उल्टी बयार : प्राइवेट छोड़ सरकारी स्कूल में पहुंच रहे छात्र

** जिले में शिफ्ट हुए 792 छात्र, एक ही स्कूल में 87 विद्यार्थी आए , नौंवी में रिकॉर्ड 140 दाखिले
अंबाला शहर : नीतियां अच्छी..नतीजे अच्छे..और तादाद भी अच्छी.। यदि सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधर जाए और सुविधाएं बेहतर हो जाए तो न केवल परिणाम अच्छे आएंगे बल्कि दाखिलों के लिए होड़ भी मच जाएगी। यह कपोल कल्पना नहीं है। अंबाला के कई सरकारी स्कूलों ने इसे धरातल पर साबित कर दिया है। अंबाला शहर ब्लॉक के करीब 130 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनमें प्राइवेट स्कूल छोड़कर विद्यार्थियों ने दाखिले लिए हैं। एक स्कूल में तो 9वीं में दाखिले के लिए बच्चों को प्रवेश परीक्षा भी देनी पड़ी।
जानिए कैसे बही उल्टी हवा : 
अंबाला वन पूरे प्रदेश में पहला ऐसा ब्लॉक है जहां मुख्यमंत्री घोषणा में 27 स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ रुपये जारी हुए। विधायक असीम गोयल ने खुद पहल करते हुए पुलिस लाइन स्थित राजकीय कन्या स्कूल में पहले वचरुअल क्लास रूम व फिर प्रेम नगर के सरकारी स्कूल में इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की शुरुआत कराई। देश के किसी सरकारी स्कूल में यह पहली सुविधा थी। अंबाला ब्लॉक-1 के करीब 20 स्कूल ऐसे हैं जहां पर स्मार्ट क्लास रूम के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों को मात देने वाला बिल्डिंग स्ट्रक्चर भी हैं। 
इस स्कूल में देनी पड़ी प्रवेश परीक्षा : 
प्रेम नगर स्थित स्कूल में तो 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा कराई गई। क्योंकि कमरे छोटे हैं। यहां नौंवी में 140 दाखिले हो चुके हैं। गत वर्ष यहां कुल 835 विद्यार्थी थे। अभी तक 885 दाखिले हुए हैं। स्कूल में इंग्लिश स्पीकिंग और वचरुअल क्लास रूम दोनों सुविधाएं हैं। 4 साल से 10वीं व 12वीं का रिजल्ट 80 फीसद से ज्यादा रहा है।
सरपंचों व शिक्षकों का रहा अहम योगदान : 
शिक्षकों के साथ ब्लॉक के सरपंचों की अहम भूमिका रही। गांव सौंटा, बकनौर, डेलुमाजरा, अहमा और मिंयामाजरा के सरपंच भूपिंदर कौर, कीमा सिंह, निर्मल सिंह, राम कुमार और सुरजीत सिंह अपने बच्चों का गांव के सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया। इसके अलावा जीपीएस, सौंडा में कार्यरत शिक्षिका नीलम ने अपनी बेटी को कन्या पुलिस लाइन और मिडिल स्कूल बटरोहन में कार्यरत संस्कृत अध्यापक दिलबाग दास ने अपने बच्चों को चौड़मस्तपुर सरकारी स्कूल में दाखिल कराया।
इस तरह शिफ्ट हुए बच्चे : 
अंबाला वन- ब्लाक के 58 सरकारी स्कूलों में 5 या 5 से अधिक, शहरी क्षेत्र में अकेले प्रेमनगर स्कूल में 87, पुलिस लाइन कन्या में 31, सात नंबर स्कूल में 40, इस्माइलपुर में 21, मोहड़ा में 27, चौड़मस्तपुर में 24, बलदेव नगर में 12, नग्गल में 29 ने दाखिला कराया।
"अंबाला ब्लॉक वन वास्तव में प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए मिसाल है। उसर सर्वे एजेंसी ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि प्राइवेट से बच्चे सरकारी स्कूलों में शिफ्ट हो रहे हैं। जल्द ही हम पूरे प्रदेश के प्राइवेट से सरकारी में आने वाले बच्चों की सूची जारी करेंगे।"-- प्रो. रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री
"कमाल हो गया, इस बार सरकारी स्कूल में दाखिले की सिफारिश के लिए मेरे पास कई फोन आए। सरकारी स्कूलों के बच्चों ने वचरुअल क्लास रूम बनवाने लिए मुङो चिट्ठी लिखी। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक ने अंबाला के प्रयास को सराहा।"-- असीम गोयल, शहर विधायक।


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