दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए अनिवार्य रूप से न्यूनतम 220 दिन पढ़ाई करानी होगी। जबकि प्राइमरी कक्षाओं के लिए अनिवार्य दिन प्रति शैक्षणिक वर्ष 200 दिन होगी। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से काफी पहले पढ़ाई के दिनों और अवकाश के संबंध में एक परिपत्र जारी किया है। इसमें कहा कि स्कूलों को सुनिश्चित करना होगा कि कम से कम इतने दिनों की पढ़ाई हो।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को इस संबंध में एक शपथ पत्र देने के लिए भी कहा है। इसके लिए निदेशालय की ओर से स्कूलों को शपथ पत्र का प्रारुप भी भेजा है। निदेशालय की ओर से जारी परिपत्र में सभी स्कूल प्रमुखों को आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 19 में दिए गए प्रावधान का पालन करने का निर्देश दिया है। जिसमें एक शैक्षणिक वर्ष में अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए न्यूनतम 220 कार्य दिवसों का पालन करने के लिए कहा है। एक शैक्षणिक वर्ष अप्रैल से अगले मार्च तक कम से कम इतने कार्यदिवस पूरे करने होंगे।
निदेशालय ने कहा है कि स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27
के लिए प्रत्येक स्कूल वर्ष 2026 के लिए छुट्टियों की योजना बनाते समय कम
से कम इतने दिवस पूरे करें। स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरूआत
एक अप्रैल 2026 से होगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश 11 मई से 30 जून तक होंगे। 29 व
30 जून शिक्षकों के लिए कार्य दिवस होंगे।

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