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Wednesday, 11 February 2026

PNB लोन धोखाधड़ी : हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के ऋण खातों की जांच के दिए आदेश

** पंजाब नेशनल बैंक में 2434 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले के बाद हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के ऋण खातों के मिलान का निर्णय लिया है। 

**  वित्त विभाग के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, किसी भी विभाग ने नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किए हैं। 

** सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि 16 फरवरी तक नोडल अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट नहीं भेजी गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों का फरवरी माह का वेतन काट लिया जाएगा।


चंडीगढ़ : पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 2434 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने उन सभी कर्मचारियों के ऋण खातों का मिलान कराने का निर्णय लिया है, जिनके खाते पोर्टफोलियो स्थानांतरण के बाद पीएनबी को ट्रांसफर हुए हैं।

चिंताजनक यह कि वित्त विभाग के स्पष्ट आदेशों के बावजूद किसी विभाग ने ऋण खातों का मिलान कराने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर 16 फरवरी तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर रिपोर्ट नहीं भेजी, तो जिम्मेदार अधिकारियों का फरवरी माह का वेतन काट लिया जाएगा। 

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से विगत 22 जनव री को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्क्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देशित किया गया था कि पीएनबी में बड़े वित्तीय घोटाले के बाद सरकार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को खत्म करने के लिए डेटा रिकांसिलिएशन को अनिवार्य रूप से पूरा करना चाहती है।

ऐसे सभी सरकारी कर्मचारियों के ऋण खातों का मिलान किया जाएगा, जिन्होंने पीएनबी से लोन लिया है या जिनके लोन खाते किसी अन्य वित्तीय संस्थान से ट्रांसफर होकर पीएनबी में पहुंचे हैं। इसके लिए सभी विभागों को 27 जनवरी तक नोडल अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के लिए कहा गया ताकि खातों के मिलान का काम तुरंत प्रभाव से पूरा किया जा सके।

इसके बावजूद अभी तक किसी विभाग ने नोडल अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर कोई जानकारी सरकार को नहीं दी है। इसे गंभीरता से लेते हुए वित्त विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि प्रक्रिया जल्द पूरी नहीं हुई, तो संबंधित अधिकारियों का फरवरी माह का वेतन रोक दिया जाएगा। राज्य मुख्यालय स्तर पर प्रत्येक विभाग या कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।

यह अधिकारी अपने विभाग के सभी ऋणधारक कर्मचारियों के लोन खातों के मिलान की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही जिला स्तर पर भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने होंगे। यह अधिकारी न सिर्फ जिलों में कार्यरत कर्मचारियों, बल्कि अन्य संगठनों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों के ऋण खातों के मिलान का भी समन्वय करेंगे, ताकि कोई मामला नजर से न छूटे। ऋण खातों की जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

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