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Monday, 19 November 2012

जेबीटी भर्ती में बीएड पास भी कर सकेंगे आवेदन!


दयानंद शर्मा, चंडीगढ़, Daink Jagran,19.11.12 

बीएड पास उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। अगर हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश को सरकार लागू करती है तो हजारों बीएड पास अभ्यर्थी वर्तमान में निकाले गए जेबीटी के 8763 पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। वैसे इसका सीधा-सीधा नुकसान जेबीटी पास उम्मीदवारों को होगा। 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व हरियाणा विद्यालय शिक्षक चयन बोर्ड को आदेश दिया है कि वह बीएड पास याचिकाकर्ता उम्मीदवार को जेबीटी के लिए प्रोविजनल तौर पर योग्य माने व उसे भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने दे। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एके सिकरी पर आधारित खंडपीठ ने कैथल निवासी सुमन बाला व अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी। साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को 30 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील राजेश बंसल ने हाई कोर्ट से मांग की कि वह हरियाणा विद्यालय शिक्षक चयन बोर्ड द्वारा 8 नवंबर को निकाले गए उस विज्ञापन को रद करे जिसमें बोर्ड ने 8763 जेबीटी टीचरों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। बंसल ने कोर्ट को बताया कि इस भर्ती में बीएड पास उम्मीदवार को जेबीटी टीचर के लिए आवेदन करने के योग्य नहीं माना गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि हरियाणा सरकार ने 23 अगस्त 2010 को एक अधिसूचना जारी कर बीएड पास उम्मीदवार को जेबीटी टीचर के लिए योग्य माना था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वह बीएड एवं जेबीटी के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा पास कर चुका है। 

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार का यह कदम गैर कानूनी है और इस भर्ती पर रोक लगाई जानी चाहिए। याचिकाकर्ता के वकील की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता को प्रोविजनल तौर पर जेबीटी भर्ती में भाग लेने दे।

Sunday, 18 November 2012

गेस्ट टीचर 24 व 25 नवम्बर को निकालेंगे पैदल यात्रा


फतेहाबाद। अतिथि अध्यापकों को नियमित किए जाने की मांग को लेकर राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ 24 व 25 नवम्बर को पैदल यात्रा करेगा। इसके अलावा हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के संयुक्त आह्वान पर शिक्षा विभाग में लगे कच्चे कर्मचारियों को नियमित किए जाने व अन्य मांगों को लेकर आगामी 25 नवम्बर को रोहतक में की जा रही रैली में भी अनुबंधित अध्यापक बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। 

District-Wise Literacy Rate in Haryana


Saturday, 17 November 2012

Contratual Employee Services can be Terminated with a Notice Only













शिक्षागत ढांचे में विकास की कवायद शुरू


जागरण संवाद केंद्र, गुड़गांव,16.11.12 : 
शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने तथा स्तर को सुधारने तथा ‘यूनीफॉर्म एजुकेशन सिस्टम’ के विकास के लिए सरकार निजी शिक्षण संस्थानों पर नजर रख रही है। इसके लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं। एक योजना के तहत पायलेट प्रोजक्ट के रूप में यह काम आठ जिलों में शुरू किया गया है। इसके तहत छह जिलों के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया गया है। 

प्रदेश के आठ जिलों के लिए चार कमेटियां बनाई गई हैं। यह सभी कमेटियां निजी तथा सरकारी आदि शैक्षणिक संस्थानों का इंस्पेक्शन करेंगी और स्कूलों में पायी जाने वाली बुनियादी समस्याओं का निरीक्षण कर उनपर रिपोर्ट बनाएंगी। 

जिलेवार कमेटियों की स्थिति इस प्रकार है 

गुड़गांव और फरीदाबाद : एससीईआरटी की डिप्टी डायरेक्टर ज्योति चौधरी 

भिवानी और झज्जर : एससीईआरटी की डिप्टी डायरेक्टर संतोष तवंर 

महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी : एससीईआरटी के डिप्टी डायरेक्टर सुशील बत्र 

रोहतक और सोनीपत : अजीत कादियान।

Friday, 16 November 2012

निर्माण कार्यो के विरुद्ध हाईकोर्ट पहुंचे स्कूल हेड और प्रधानाचार्य


रवि हसिजा, जींद, Kaithal Jagran City, 16.11.12

सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यो और मुख्याध्यापकों ने उनसे भवन निर्माण, मरम्मत और रखरखाव का कार्य कराए जाने के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घिमाणा के प्राचार्य रमेश चंद्र मलिक व राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेलरखां के प्राचार्य रघुभूषण लाल गुप्ता व अन्य की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश न्यायमूर्ति एजी मसीज ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करके इस विषय में 16 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

अधिवक्ता रामनिवास शर्मा के माध्यम से दायर याचिका में प्रधानाचार्यो व मुख्याध्यापकों से स्कूल भवन निर्माण, मरम्मत और रख-रखाव का कार्य कराए जाने को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 व सेवा नियमों का उल्लंघन बताते हुए उनसे प्रत्यक्ष या परोक्ष, किसी भी रूप में यह कार्य न कराए जाने का आदेश जारी करने की गुहार लगाई गई है। उन्हें सौंपा गया यह कार्य वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि इस काम में लगे रहने की वजह से अध्यापन और निरीक्षण की जिम्मेदारी नहीं निभा पाते, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हरियाणा राजकीय स्कूल प्रिंसिपल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मलिक ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गठित प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि स्कूलों में निर्माण कार्य पीडब्ल्यूबीएंडआर द्वारा कराया जाना चाहिए या इस कार्य को करने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय में एक अलग निर्माण शाखा होनी चाहिए या फिर यह कार्य स्थानीय समितियों को भी सौंपा जा सकता है।

Tuesday, 13 November 2012

Happy-Diwali

***A very Happy Diwali to u & your beautiful family, May god give u all that u want & need in yr life & enjoy the festival with lots of light ***

Sunday, 11 November 2012

प्रदेश में नए सत्र से लेक्चरर पढ़ाएंगे नौवीं-दसवीं को


अजय दीप लाठर, अंबाला , Jagran City, Kaithal, Nov.08,2012

प्रदेश में नौवीं-दसवीं कक्षा पढ़ाने का विरोध कर रहे स्कूल लेक्चरर को नए शैक्षणिक सत्र से हर हाल में इन कक्षाओं को पढ़ाना ही होगा। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए स्कूली शिक्षा निदेशालय ने कमर कस ली है। प्रदेशभर से छह शिक्षाविदें को चिन्हित कर नौवीं से बारहवीं तक का टाइम टेबल बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी दी गई है।

शिक्षाविदें की कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी हांसी देवेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शाहाबाद सतनाम सिंह, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद रितू चौधरी, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी अंबाला सुधीर कालड़ा के अतिरिक्त हरियाणा स्कूल एजूकेशन आफिसर्स एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह चौहान व महासचिव प्रेम सिंह पूनिया शामिल हैं।

इन शिक्षाविदें की प्रदेशस्तरीय टाइम टेबल पर पहली बार बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में बैठक होगी। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार लागू होने के बाद से शिक्षा में बदलाव का दौर शुरू हो गया था। इसके तहत सिर्फ 11वीं व 12वीं कक्षा को पढ़ाने वाले लेक्चरर के जिम्मे 9वीं व 10वीं कक्षा भी लगाई जानी थी।

हरियाणा स्कूल लेक्चर्स एसो. के विरोध की वजह से शिक्षा विभाग को इसे लागू करने में दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र से नौवीं -दसवीं कक्षा अनिवार्य तौर से पढ़ाने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है।