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Friday, 7 December 2012

सरकारी कॉलेजों में टीचिंग स्टाफ का टोटा

*लिपिकीय स्टाफ की नियुक्ति 1974 के बाद नहीं हुई।
*राज्य के तीस कॉलेजों में नहीं हैं इस समय प्रिंसिपल दूसरे स्थानों पर ज्वाइनिंग की पर्मिशन भी नहीं। 
*एचपीएससी को भेजी डिमांड।
राज्य का ‘शिक्षा विभाग’ भले ही कितने भी दावे क्यों न करे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। प्रदेश में उच्च शिक्षा देने के लिए खोले गए राजकीय कॉलेज इन दिनों टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ के अलावा प्रिंसिपलों का टोटा झेल रहे हैं। कई कॉलेज में तो मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उच्च शिक्षा विभाग में फाइल खिसकने की प्रक्रिया, भर्ती प्रक्रिया के लिए लंबा चौड़ा झमेला सारा कुछ विद्यार्थियों, शिक्षकों व इस विभाग के अफसरों के लिए झमेला बना गया है। सूत्रों के अनुसार राजकीय कॉलेज में लिपिकीय वर्ग के कुछ पद तो ऐसे हैं, जिन पर 1974 के बाद नियुक्ति ही नहीं हुई। कॉलेज में 350 गेस्ट टीचर काम कर रहे हैं। कईकॉलेज में नियमों को ताक पर रखकर इन्हें एडजस्ट किया है। करीब 80 कॉलेज ऐसे हैं। 30 में तो प्रिंसिपल नहीं हैं। टीचिंग स्टाफ की कमी देखते हुए 1035 पोस्टों को भरने के लिए एचपीएससी से डिमांड की है। हाल ही में 19 पदों पर भर्ती की गई हैं।
कुछ स्टाफ2013 में होगा रिटायर 
कुछ स्टाफ मार्च 2013 में रिटायर होने जा रहा है। टीचिंग के लिए 3320 स्वीकृत पोस्ट हैं। कुछ लोगों को सर्विस विस्तार कर एक्सटेंशन पर रखा है। महाविद्यालयों में लैब अस्टिेंट के 110 पद, 10 पद हास्टल सुपरीटेंडेंट के खाली पड़े हैं।
अधिकारियों ने नहीं दिखाई गंभीरता
हरियाणा राजकीय कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान इकबाल सिंह संधू का कहना है कि कॉलेज में स्टाफ की कमी के बारे में कई अधिकारियों को ज्ञापन दिए हैं। उसके बावजूद अधिकारियों द्वारा इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई गई।- योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़
कुछ कॉलेजों को मिलेंगे प्रिंसिपल
राज्य के जिन कॉलेजों में प्रिंसिपलों की कमी बनी हुई है, उन्हें जल्द ही प्रिंसिपल मिल जाएंगे। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि काफी संख्या में पदोन्नति हुई हैं, जिसके बाद में खाली पड़े पदों को भर लिया जाएगा। एचपीएससी को भेजी डिमांड  राज्य के उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा कि पूर्व में 2011-12 में 497 में भर्तियां की गई थीं। अब 1035 पोस्टों के लिए हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन को डिमांड भेज दी गई है, वहां भी प्रक्रियां में समय लगता है। जिसके बाद ही कॉलेजों में स्टाफ की कमी को पूर्ण किया जा सकेगा। यह डिमांड मार्च 2013 तक होने वाली सेवानिवृत्ति को ध्यान में रखकर भेजी गई है, इसके अलावा टीचिंग भर्ती में कुछ नये नियम बनाए गए हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। इस कारण से भी कुछ समय भर्ती में समस्याएं रही हैं। 


डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर बंद करने की नोटिफिकेशन जारी

प्रदेश के चार बड़े विश्वविद्यालय कभी नहीं कर पाएंगे डिस्टेंस कोर्सों में नए एडमिशन, लाखों छात्रों का भविष्य अधर में
हरियाणा सरकार ने विधानसभा में पास किए गए डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर बंद करने संबंधी फैसले की गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। विधानसभा में रखे गए मामले और अब जारी की गई नोटिफिकेशन में काफी अंतर है। नोटिफिकेशन को देखकर सभी खासे परेशान हैं। इसके अनुसार अब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय और भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय सोनीपत में से कोई भविष्य में कभी भी डिस्टेंस कोर्सों में नए एडमिशन नहीं कर सकेगा। इन चारों विश्वविद्यालयों को अपनी सारी डिस्टेंस ब्रांच बंद करनी पड़ेंगी। 
"गजट नोटिफिकेशन की कॉपी अभी नहीं मिली, लेकिन अगर उसमें डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करने की बात कही गई है तो यह हरियाणा में शिक्षा जगत का सबसे काला दिन होगा।" -आरके शर्र्मा, निदेशक, डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच, केयू 
जब तक इस मामले में मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री का बयान नहीं आ जाता तब तक इस मामले में संशय की स्थिति बरकरार रहेगी। क्योंकि फिलहाल गजट नोटिफिकेशन की जो कॉपी आई है वो सिर्फ अंग्रेजी में है। इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करने का आदेश दे रही है या विश्वविद्यालयों को सलाह दे रही है। अगर यह सलाह है तो कोई भी विश्वविद्यालय डिस्टेंस एजुकेशन को बंद नहीं करना चाहेगा। 
विश्वविद्यालयों की कमाई का सबसे बड़ा साधन डिस्टेंस एजुकेशन ही है। एमडीयू जैसे विश्वविद्यालयों की स्थिति तो ऐसी है कि अगर डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच बंद हो जाएगी तो स्टॉफ को सैलरी देने में भी विश्वविद्यालय प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालय के साथ-साथ कॉलेजों को भी डिस्टेंस कोर्सों में एडमिशन से अच्छी खासी कमाई होती थी। अब कॉलेजों की कमाई भी खत्म हो जाएगी। 
अकेले एमडीयू से हर साल करीब डेढ़ लाख छात्र डिस्टेंस कोर्स से पढ़ाई करते हैं। डिस्टेंस के तहत वही छात्र पढ़ाई करते हैं जिन्हें रेगुलर कोर्सों में एडमिशन नहीं मिलता और जो जॉब के साथ पढ़ाई भी करना चाहते हैं। अगर विश्वविद्यालयों की डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच ही बंद हो जाएंगी तो ऐसे छात्रों को क्या अब उच्चत्तर शिक्षा से महरूम ही रहना पड़ेगा। इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। 
*पहले विधानसभा में हुआ था डिस्टेंस सेंटर बंद करने का फैसला 
*विश्वविद्यालयों को अपनी डिस्टेंस ब्रांच बंद करनी पड़ेगी 
*छात्रों  को अब उच्चत्तर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की राह पकडऩी होगी

"गजट नोटिफिकेशन की कॉपी मिल गई है। शायद सरकार डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करना चाहती है, लेकिन स्पष्ट तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।" -एनके गर्ग, निदेशक, डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच, एमडीयू 

Wednesday, 5 December 2012

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जेबीटी भर्ती के लिए बीएड पात्रता नहीं: उच्च न्यायालय

बीएड पास उम्मीदवारों को तगड़ा झटका, सभी याचिकाएं खारिज 
प्राइमरी शिक्षक के लिए बीएड को पात्रता नहीं ठहराया जा सकता। इस संबंध में दाखिल अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि प्राइमरी शिक्षक के लिए मूल पात्रता ईटीटी अथवा जेबीटी है। ऐसे में बीएड को पात्रता नहीं ठहराया जा सकता। दायर संबंधित याचिकाओं में कहा गया कि हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने 8 नवंबर 2012 को प्राइमरी शिक्षकों के 8763 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। 
इन पदों के लिए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को योग्य नहीं ठहराया गया। याचिका में कहा गया कि इस संबंध में हरियाणा प्राइमरी स्कूल एजूकेशन (ग्रुप सी) के डिस्ट्रिक्ट कैडर सर्विस रूल्स 2012 की उस धारा को खारिज किया जाए जिसमें बीएड को प्राइमरी शिक्षक की नियुक्ति के लिए पात्रता नहीं माना गया है। याचियों की तरफ से कहा गया कि उन्होंने राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर रखी है और वे सभी बीएड हैं। 
ऐसे में उन्हें भी इन पदों के लिए योग्य माना जाए। हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि प्राइमरी शिक्षक के लिए मूल पात्रता ईटीटी अथवा जेबीटी है। ऐसे में बीएड अतिरिक्त योग्यता तो हो सकती है लेकिन इसे मूल पात्रता नहीं समझा जा सकता। याचियों की तरफ से मांग की गई कि उन्हें प्रोविजनल तौर पर ही सही पदों के लिए पात्र माना जाए लेकिन चीफ जस्टिस अरजन कुमार सीकरी व जस्टिस राकेश कुमार जैन की खंडपीठ ने दलीलों को नकारते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी। 
प्रदेश में करीब 15 हजार बीएड पास उम्मीदवारों के लिए जेबीटी भर्ती में शामिल होने की सिर्फ एक उम्मीद प्रदेश सरकार है। 23 अगस्त 2010 में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर बीएड पास को जेबीटी के लिए योग्य माना था। बीएड पास वालों के लिए जेबीटी लगने की तिथि जनवरी 2012 ही निर्धारित की थी। यानी जनवरी 2012 तक ही बीएड पास जेबीटी भर्ती के योग्य माने गए। कोर्ट ने अपने फैसले में यह संभावना छोड़ी है कि यदि प्रदेश सरकार उसी डेडलाइन को बढ़ाने के लिए नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से बात करें और वहां से मंजूरी मिले तो बीएड उम्मीदवार भर्ती में शामिल हो सकते हैं। सुमन बाला व अन्य ने बीएड पास उम्मीदवारों की ओर से याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 18 नवंबर की सुनवाई में बीएड को प्रोविजनल तौर पर योग्य माना था। जेबीटी उम्मीदवारों की ओर से 30 नवंबर को इसमें पार्टी बनने को अपील की। राज्य में करीब 18 हजार जेबीटी हैं।

कुवि ने बदली तीन पेपरों की परीक्षा तिथि

कुरुक्षेत्र : कुवि प्रशासन की ओर से तीन कक्षाओं के तीन पेपरों की परीक्षा तिथियों में बदलाव किया गया। इसकी जानकारी कुवि की वेबसाइट पर भी डाल दी गई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा एमएससी इलेक्ट्रोनिक साइंस प्रथम सेमेस्टर पेपर संख्या ईएल-102 की परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है। 27 दिसंबर वाली परीक्षा अब 4 जनवरी को होगी। 
एमए. फिलोस्पी रिजनिंग का पेपर-1 प्रिंसिपल ऑफ लॉजिक 27 दिसंबर 2012 के स्थान पर अब 2 जनवरी 2013 को तथा पेपर-2 एप्लाइड रिजनिंग 31 दिसंबर 2012 के स्थान पर अब 5 जनवरी 2013 को आयोजित होगा। परीक्षा केंद्र एवं समय में बदलाव नहीं किया गया है।

ई-वेतन प्रणाली के माध्यम से मिलेंगे कर्मचारियो के बिल

हरियाणा के वित्त विभाग ने ऐसे कर्मचारी, जिन्हें अभी तक सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) या स्थाई सेवानिवृत्त खाता संख्या (प्रैन)आवंटित नहीं हुआ है, के मामलों में ई-वेतन प्रणाली के तहत वेतन बिल पास करने की एक सुविधा सृजित की है।
सरकारी कर्मचारियों के सभी वेतन बिल केवल ई-वेतन प्रणाली के माध्यम से प्रेषित किए जाएंगे और खजाना द्वारा कोई भी दस्ती बिल स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारी जिन्हें जीपीएफ या प्रैन अवंटित नहीं हुआ है, के मामलों में प्रणाली में केवल दो महीनों के वेतन बिल पास करने की ही अनुमति होगी। बेहराल, उसके उपरान्त प्रणाली में जीपीएफ या प्रैन संख्या डाले बिना कोई भी वेतन बिल पास नहीं होगा। अत:सम्बन्धित आहरण एवं वितरण अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह इस अवधि के भीतर जीपीएफ या प्रैन का आवंटित होना सुनिश्चित करें ताकि कर्मचारी को कोई असुविधा न हो। आहरण एवं वितरण अधिकारियों को किसी भी कर्मचारी का पैन देखने की सुविधा पहले भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है, ताकि ई-वेतन वेबसाइट पर जानकारी ले सके।

Monday, 3 December 2012

30 जनवरी तक मिलेंगे हेडमास्टर

हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रमेश मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार की 30 जनवरी तक प्रदेश के सभी 5548 मिडिल स्कूलों में मुख्याध्यापक नियुक्त करने की तैयारी हो चुकी है। यही नहीं मिडिल हेड की प्रोमोशन के लिए सरकार ने अंकों की शर्त वापस ले ली है। अब पदोन्नति भी केवल वरिष्ठता के आधार पर होगी। एसो. अध्यक्ष मलिक रविवार को शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिले के प्रतिनिधि सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। एसोसिएशन अध्यक्ष मलिक ने सम्मेलन में कहा कि लंबे समय से लटके वेतन की समस्या का आगामी 10 दिनों में स्थायी समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने तीन दिसम्बर से स्कूलों के समय में बदलाव का स्वागत किया, वहीं जोड़ा कि स्कूलों का नया समय सुबह 9 बजे से सायं 3.30 बजे के स्थान पर 3 बजे तक का होना चाहिए। मौलिक शिक्षा के निदेशक से हुई बातचीत में जहां सरकार कक्षा 6 से 8 के लिए रेशनेलाइजेशन को 1:50 के स्थान पर 1:35 से करने के लिए तैयार हो गई, वहीं मिडिल हेड को द्वितीय र्शेणी का दर्जा प्रदान करने और आगामी पदोन्नति प्राचार्य के पद पर करने के लिए भी मान गई। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश सचिव सत्य नारायण शर्मा ने किया। जिलास्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन में रमेश मलिक, राजेन्द्र नेहरा, सुशील कुमार, राजेन्द्र पालीवाल और रवीन्द्र कुमार ने भी विचार व्यक्त किए।

प्राध्यापकों के चयन में हुआ गोलमाल!

झज्जर : हरियाणा लोक सेवा आयोग की तरफ से राजनीति शास्त्र के प्राध्यापकों के चयन में गोलमाल देखने को मिला है। जो सूची बनाई गई है उसमें कुछ ऐसे उम्मीदवारों के नाम भी हैं जिनका नाम विभाग द्वारा पहले जारी की गई थ्री टाइम जोन की सूची में नहीं था। खास बात है कि इस सूची के आधार पर ही उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।
यह नियुक्तियां बैकलाग (एससी) कैटेगरी को पूरा करने के लिए की गई थीं। विज्ञापन संख्या 4-2009 के आधार पर राजनीति शास्त्र तथा हिंदी के प्राध्यापकों की भर्ती के लिए 27 मार्च 2011 को स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। थ्री टाइम जोन (पदों से तीन गुणा अधिक उम्मीदवार) के आधार पर जो लिस्ट निकाली गई थी उसमें पुरुष वर्ग की कट ऑफ लिस्ट 53 थी तो महिला वर्ग की 48 थी। झांसवा निवासी विनोद ने बताया कि रोल नंबर 30, 194, 234, 292, 374 तथा 383 थ्री टाइम जोन की सूची में दर्ज नहीं थे, लेकिन अंतिम सूची में ये शामिल किए गए हैं। इन्हें ऊंची पहुंच के आधार पर मेधावी सूची में शामिल किया गया। इनके लिए योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर हरियाणा लोक सेवा आयोग ने नियमों का मजाक उड़ाया है। उनका कहना है कि थ्री टाइम जोन की सूची में उन उम्मीदवारों को शामिल किया गया था जो स्क्रीनिंग टेस्ट पास करके आए थे। दैनिक जागरण के पास मौजूद थ्री टाइम जोन की सूची में वाकई में वो रोल नंबर शामिल नहीं थे जो विभाग की अंतिम सूची में हैं।


सेवानिवृत्त शिक्षक करेंगे री-चेकिंग

 पिछली परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों ने उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के कार्य का बहिष्कार किया था। इससे परिणाम में देरी होने की भी नौबत आ गई थी।शिक्षक जांच राशि बढ़वाने व अन्य मांगें कर रहे थे। इसके अलावा बोर्ड कर्मचारियों पर भी कार्य का अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा। पिछले दिनों हुई बोर्ड अधिकारियों की बैठक में री-चेकिंग का कार्य सेवानिवृत्त शिक्षकों, प्राध्यापकों से कराने का निर्णय लिया गया। सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद रि-चेकिंग होने वाली उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या भी काफी बढ़ गई है। सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी की रि-चेकिंग होने वाली उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या भी हजारों में होती है। इसलिए उत्तरपुस्तिकाओं की समय पर रि-चेकिंग करवाना हमेशा ही बोर्ड के लिए चुनौती रहा है। इस बार पहले ही योजना बनाने से रि-चेकिंग का कार्य समय पर पूरा होने की उम्मीद है।
"हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की बैठक में रि-चेकिंग के मुद्दे पर विचार- विमर्श हुआ था। अब सेवानिवृत्त शिक्षकों से रि-चेकिंग कराने का निर्णय लिया है। इससे स्टाफ सदस्यों पर भी काम का बोझ नहीं आएगा और काम भी जल्दी हो जाएगा।" डीके बेहरा, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

100 करोड़ रुपए के ड्यूल डेस्क खरीद का ऑर्डर

प्रदेश की शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थी जमीन पर न बैठें। इसके लिए विभाग की ओर से सार्थक कदम उठाते हुए करीब 100 करोड़ रूपए से अधिक लागत के ड्यूल डेस्क की खरीद का आर्डर दिया है, जिसकी जल्द ही सप्लाई प्रदेश के स्कूलों में शुरू हो जाएगी। भुक्कल रविवार को झज्जर में अपने निवास स्थान पर क्षेत्र के लोगों से रूबरू होने के बाद विभिन्न विकासात्मक पहलुओं की जानकारी दे रही थीं। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षामंत्री भुक्कल ने कहा कि मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण पुस्कार योजना के अंतर्गत अब प्रदेश के स्कूलों में बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, साथ ही स्कूल प्रशासन के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन समितियों की भी सक्रिय भागीदारी से स्कूलों का स्वरूप बदला जा रहा है। प्रयास है कि स्कूल के कमरों में कोई विद्यार्थी जमीन पर न बैठे इसके लिए फर्नीचर की पूर्ण व्यवस्था की जा रही है। इतना ही नहीं स्कूली बच्चों के साथ ही उनके शिक्षकों को भी बेहतर इंफ्रास्टक्चर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

Sunday, 2 December 2012

एचटेट-2011 के प्रश्न-पत्र होंगे साइट पर अपलोड

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को एचटेट (स्कूल टीचर एलिजिब्लिटी टेस्ट) 2011 के सभी परीक्षार्थियों के प्रश्न-पत्र और उत्तरपुस्तिकाएं वेबसाइट पर डालनी होंगी। यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के आदेशों पर बोर्ड की ओर से डाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। बोर्ड की याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। 2011 में हुई एचटेट परीक्षा में करीब सवा चार लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका के लिए आरटीआई लगाई थी। बोर्ड ने इंकार किया तो अभ्यर्थियों ने प्रथम व द्वितीय अपील के माध्यम से राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपनी मांग पहुंचाई। राज्य सूचना आयोग ने जून माह में हरियाणा विद्यालय शिक्षाबोर्ड को सभी अभ्यर्थियों के प्रश्न पत्र व उत्तरपुस्तिकाबोर्ड की वेबसाइट पर डालने केआदेश दिए। बोर्ड ने आदेशों कीपालना में असमर्थता जताते हुए आरटीआई लगाने वाले उम्मीदवारों को प्रश्न-पत्र व उत्तरपुस्तिका जांच के लिए दिखाने का निर्णय लिया और सितंबर माह में प्रश्न-पत्र व उत्तरपुस्तिका दिखाने की कार्रवाई शुरू हुई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राज्य सूचना आयोग केइस फैसले के खिलाफ चार सितंबरको पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका की। याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश राजेश बिंदल ने बोर्ड को जल्द सभी प्रश्न-पत्र व उत्तर पुस्तिकाएं वेबसाइट पर डालने के आदेश दिए हैं। 

KUK: 20 प्रतिशत अंक होने पर ही पुनर्मूल्यांकन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैसले से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में:
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नए नियम हजारों विद्यार्थियों के भविष्य में रोड़ा बन रहे हैं। क्योंकि 20 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त विद्यार्थी ही पुनर्मूल्यांकन करा सकता है, जबकि 20 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त विद्यार्थी रि-चेकिंग करा सकते हैं। ऐसे में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य यूनिवर्सिटी के इन नए नियमों से प्रभावित हैं। जबकि यूनिवर्सिटी में पुनर्मूल्यांकन कराने पर विद्यार्थियों के अंक 17 से 54 अंक तक हुए हैं। 
यहां फंसा पेंच : रि-चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन कराने के लिए अंक प्रतिशत की कंडीशन विद्यार्थियों को परेशान कर रही है। जबकि मार्च 2012 से पहले ऐसी कंडीशन नहीं थी। इस कंडीशन को विद्यार्थी पेपर मार्किंग की पारदर्शिता पर अंकुश मान मन रहे हैं। क्योंकि अब वे सभी विद्यार्थी जो फेल हो चुके हैं, अपनी उत्तरपुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन नहीं करा सकते हैं। विश्वविद्यालय के नए नियमों के अनुसार जिन विद्यार्थियों के थ्योरी के पेपर में 20 प्रतिशत से कम अंक हैं तो वे रि-चेकिंग करा सकते हैं तथा जिनके अंक 20 प्रतिशत से अधिक होंगे तो वे रि-वेल्युएशन करा सकते हैं। विद्यार्थियों के अनुसार इस तरह की कंडीशन विद्यार्थियों के हित में नहीं है। 
बहुत से ऐसे विद्यार्थी थे जो अच्छे माक्र्स होते हुए भी पुनर्मूल्यांकन का फार्म भर देते थे। ऐसे में विश्वविद्यालय पर वर्कलोड बढ़ जाता था। जबकि रिजल्ट भी समय पर देने होते हैं। ऐसे में वे ही विद्यार्थी फार्म भरें, जिनको इसकी जरूरत होती है। इसलिए यह नई व्यवस्था की गई है। देवेंद्र सचदेवा, पीआरओ, केयू 
एक समस्या यह भी 
प्रश्न उठता है कि अगर किसी विद्यार्थी के अंक 20 प्रतिशत से कम हैं तो उसे री-चेकिंग के लिए फार्म भरना पड़ेगा। ऐसे में यदि उसके अंक बढ़कर 20 प्रतिशत से ज्यादा हो जाता है तो क्या फिर उसे रि-वेल्युएशन का फार्म भरना पड़ेगा। क्या वह रिवेल्युएशन करने का पात्र होगा। अगर फार्म भरेगा तो पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट कब आएगा। इस स्थिति में विद्यार्थी का भविष्य क्या रहेगा। 
 ... तो नहीं भर पाते फार्म 
यूनिवर्सिटी में अपने पेपर की पुनर्मूल्यांकन कराकर जो विद्यार्थी 17 अंकों के बावजूद पास हुए हैं। अगर यह नियम पहले से होते तो उक्त विद्यार्थियों के माक्र्स बढऩा तो दूर वह तो फार्म भी नहीं भर पाते। विद्यार्थियों को आरोप है कि केयू ने अपनी खामियों को ठीकरा विद्यार्थियों के सिर फोड़ दिया है।

Saturday, 1 December 2012

प्रदेश में स्कूलों का समय बदला

सर्दियों के मद्देनजर प्रदेश के सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों का समय परिवर्तित कर दिया गया है, लेकिन शिक्षक संगठन विभाग के इस फैसले से नाखुश हैं।
3 दिसंबर से लागू नई समयसारिणी 28 फरवरी 2013 तक जारी रहेगी। इसके अनुसार स्कूल सुबह 9 बजे खुलेंगे और 3.30 बजे बंद होंगे। पहले सुबह आठ बजे स्कूल खुलते थे और ढ़ाई बजे बंद होते थे। शिक्षकों को हाजिरी लगाने के लिए 15 मिनट पहले 7.45 बजे स्कूल आना अनिवार्य था। 1 अप्रैल 2012 से लागू की गई यह व्यवस्था इस बार भी बरकरार रखी गई है या नहीं, इस बारे में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट नहीं किया है।
गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल सरकार के इन आदेशों के दायरे में नहीं आते हैं। अलबत्ता उन्हें भी सर्दी के कारण बच्चों के हित में स्कूलों के समय में बदलाव की सलाह दी गई  हैं।