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Monday, 21 January 2013

2120 अध्यापकों को एलीमेंट्री मिडिल हेड के पद पर तरक्की मिली

हरियाणा सरकार ने मौलिक शिक्षा विभाग के 2120 अध्यापकों को एलीमेंट्री मिडिल हेड के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इन अध्यापकों को अब पे स्केल 9300-34800 जमा 4800 ग्रेड दिया जाएगा। इनमें मास्टर कैडर के 1757, सी एंड वी हिंदी कैडर के 162, सी एंड वी पंजाबी कैडर के 26 और सी एंड वी संस्कृत कैडर के 175 अध्यापक शामिल हैं। विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि निर्धारित पदों की तुलना में यह संख्या आधी से भी कम है। 
शिक्षा विभाग की ओर से नए सत्र से शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया जा रहा है। इसको लेकर मिडल हेड के साढ़े पांच हजार से अधिक पद सर्जित किए थे। विभाग की ओर से जारी इस लिस्ट में 3262 वरिष्ठता क्रमांक वाले अध्यापकों को स्थान दिया गया है। हालांकि इन अध्यापकों को नियुक्ति के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।

Sunday, 20 January 2013

बदले जाएंगे एच टेट के सेंटर!

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अप्रैल में अध्यापक पात्रता परीक्षा(एच टेट) कराने की तैयारी कर रहा है। इस बार बोर्ड एच टेट के सेंटरों में फेरबदल सकता है। इसके तहत गुडग़ांव की जगह राजधानी दिल्ली में परीक्षा सेंटर बनाए जा सकते हैं। हालांकि अभी तक परीक्षा सेंटरों को फाइनल नहीं किया गया है। इसके अलावा परीक्षा तिथि पर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है। 
शिक्षा बोर्ड ने नवंबर 2011 में कराई एच टेट में प्रदेश के 16 जिलों में लगभग 400 सेंटर बनाए थे। इन परीक्षा केंद्रों 4 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इस दफा बोर्ड पिछली बार बनाए गए परीक्षा केंद्रों में से कुछ केंद्रों को हटाकर उसकी जगह नए सेंटरों को जोड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक एक तो बोर्ड को गुडग़ांव सेंटर बनाने में दिक्कत भी आ रही हैं और दूसरी नई दिल्ली में सेंटर बनने से परीक्षार्थियों को काफी सुविधा होगी। क्योंकि प्रदेश के हर हिस्से से गुडग़ांव की बजाय दिल्ली के लिए ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी बढिय़ा है। इसके अलावा अन्य राज्यों के परीक्षार्थी भी दिल्ली आसानी से आ सकते हैं। 
परीक्षा तिथि में भी हो सकता है बदलाव 
शिक्षा बोर्ड ने यह तो लगभग तय कर लिया है कि एच टेट अप्रैल में होगी। मगर किस तिथि को, इस बारे में अभी भी संशय बना हुआ है। वैसे बोर्ड 13 व 14 अप्रैल को यह परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रहा है, लेकिन इस तिथि को फाइनल करने में बोर्ड को एक दिक्कत आ रही है। दिक्कत यह है कि 14 अप्रैल को एनडीए और सीआरपीएफ की परीक्षा है और इस दिन चंडीगढ़ में सेंटर नहीं बन सकेंगे। 
"परीक्षा के बारे में अभी तक कोई फाइनल प्लानिंग नहीं हुई है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।" -एचएल पुरूथी, कंसलटेंट, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

Thursday, 17 January 2013

हरियाणा भवन और चंडीगढ़ के गेस्ट हाउस में फर्जी सूची बनी

सीबीआई ने टीचर भर्ती घोटाले में चार साल तक की जांच के बाद यह साबित कर दिया कि टीचरों की भर्ती के इंटरव्यू की बदली गई दूसरी सूची दिल्ली में हरियाणा भवन और चंडीगढ़ के एक गेस्ट हाउस में बनाई गई। इसके लिए हरियाणा के 18 जिलों की जिला चयन समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों को बुलाया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी की मौजदूगी में प्राथमिक शिक्षा विभाग के तत्कालीन निदेशक के निर्देश पर यह दूसरी सूची तैयार की गई। मुख्यमंत्री के आदेश पर हेराफेरी कर बनाई गई दूसरी सूची पर दस्तखत करने वाले इन्हीं लोगों ने पहली असली सूची बनाई थी। 
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी तो बाहर मीडिया और इनेलो समर्थकों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। फैसला आने के बाद इनेलो समर्थकों में रोष था। 
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा नहीं है, जेबीटी की भर्ती से जुड़ा है। इस फैसले में कहीं ना कहीं कोई कमी रही है। अभी देश में और भी न्यायालय हैं। हम हाईकोर्ट जाएंगे, जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। इस भर्ती घोटाले में हमारा या हमारे किसी साथी का दोष नहीं है। जेबीटी भर्ती ठीक रही है। सीबीआई तो कांग्रेस की एजेंसी बन गई है। जहां भी रीजनल पार्टियां हैं, वहां सीबीआई का दुरुपयोग किया जाता है। 
अंतिम जिरह पूरी 
17 दिसंबर, 2012 को सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। 
क्या था घोटाला और कैसे कसा शिकंजा 
वर्ष 1999-2000 में हरियाणा सरकार ने जूनियर बेसिक ट्रेंड टीचर्स यानी जेबीटी की नौकरियां निकालीं। 
1 दिसंबर 1999 को भर्ती के लिए साक्षात्कार हुआ। 
12 अक्टूबर, 2000 को चुने गए उम्मीदवारों को जेबीटी का नियुक्ति पत्र दे दिया गया। हरियाणा के 18 जिलों के विभिन्न स्कूलों में 3206 जेबीटी नियुक्त कर दिए गए। भर्ती में अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल। 
25 नवंबर 2003 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। 
12 दिसंबर 2003 को सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। 
25 मई 2004 को सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच में उस वक्त के मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के ओएसडी व आईएएस अधिकारी को दोषी पाते हुए मामला दर्ज किया। 
6 जून, 2008 को सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। 
4 अगस्त, 2012 को बचाव पक्ष के वकीलों ने अपनी दलीलें व साक्ष्य पूरे किए। 
ये पांच हैं मुख्य आरोपी 
ओमप्रकाश चौटाला : 24 जुलाई 1999 से लेकर पांच मार्च 2005 तक मुख्यमंत्री थे और शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी उनके पास था। 
अजय चौटाला : 24 जुलाई वर्ष 2000 में भिवानी से लोकसभा सदस्य। अब इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव हैं। 
संजीव कुमार : हरियाणा में 1985 बैच के आईएएस व हरियाणा प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक चंडीगढ़ में 11 जुलाई 2000 से लेकर 29 दिसंबर 2000 तक। उनके पास हरियाणा के प्राथमिक शिक्षा निदेशक का अतिरिक्तप्रभार भी था। 
शेर सिंह बड़शामी : ओमप्रकाश चौटाला के मुख्यमंत्री बनते ही इन्हें 28 जुलाई 1999 को मुख्यमंत्री का राजनीतिक सलाहकार नियुक्तकिया गया। 
विद्याधर : जुलाई 1999 को मुख्यमंत्री के ओएसडी नियुक्त किए गए और मई 2003 तक इस पद पर रहे। 
चौटाला ने बदली भर्ती प्रक्रिया: 
सीबीआई ने तफ्तीश में पाया कि इसके पहले हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के द्वारा भर्तियां की जाती थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री चौटाला जिनके पास शिक्षा  मंत्रालय भी था उनकी अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई गई जिसमें यह तय किया गया कि टीचरों की भर्ती जिला स्तरीय चयन समितियों से कराई जाए। इन समितियों पर प्राथमिक शिक्षा विभाग के निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री का नियंत्रण था।
ये हैं आरोपी अपराध के वक्त इन पदों पर तैनात थे:
प्रेम बहल जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला(चेयरपर्सन) 
कृष्णा शिक्षा अधिकारी, भिवानी (सेवानिवृत्त सदस्य) 
शशि मल्होत्रा प्रधानाचार्य, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अम्बाला (सदस्य) 
ब्रहमानंद जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी (चेयरमैन ) 
विनोद कुमारी प्रधानाचार्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिवानी (सदस्य) 
स्वर्ण लाल ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
मामन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद (सदस्य) 
रामशरण कुकरेजा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
हरबंस लाल डीपीईओ (चेयरमैन) 
कांता शर्मा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरपर्सन) 
फूल खुराना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गुडग़ांव (सदस्य) 
चांद सिंह वर्मा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
अभिलाषा कौर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
योगेश कुमार शर्मा सहायक जिला अधिकारी झज्जर (सदस्य) 
शेर सिंह जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
अनार सिंह उप जिला शिक्षा अधिकारी 
कैलाश कौशिक वरिष्ठ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जींद 
अजित सिंह संगवान जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
राम कोर उप जिला शिक्षा अधिकारी 
महावीर सिंह ब्लॉक शिक्षा अधिकारी करनाल 
नत्थू सिंह जिला प्राथमिक शिक्षा (चेयरमैन) 
कृष्ण लाल नारंग उप जिला शिक्षा अधिकारी 
उषा रानी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुरुक्षेत्र 
मदन लाल कालरा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
वीरभान मेहता उप जिला शिक्षा अधिकारी 
दिलबाग सिंह प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
राम कुमार ब्लॅाक शिक्षा अधिकारी 
मेगानाथ शर्मा सहायक जिला शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़ 
पुष्कर मल वर्मा प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
दुर्गा दत्त प्रधान प्रिंसिपल एवं सदस्य 
बानी सिंह ब्लाक शिक्षा अधिकारी पंचकुला (सदस्य) 
शीश पाल सिंह प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
रेखा शर्मा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
रक्षा जिंदल पूर्व.प्रिंसिपल गर्वमेंट सीसै स्कूल, पानीपत (सदस्य) 
दया सैनी अस्सिटेंट डायरेक्टर, प्राथमिक शिक्षा 
राम सिंह सहायक जिला शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
जीत प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
अमर सिंह ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
निर्मल देवी उप जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी, (सदस्य) 
सुधा सचदेवा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
दर्शन दयाल वर्मा जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
सरोज शर्मा उप जिला शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
तुलसी राम बिहागरा ब्लाक शिक्षा अधिकारी सिरसा (सदस्य) 
राम सरन कुकरेजा प्राथमिक जिला शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
ओम प्रकाश तिवारी जिला शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
बिहारी लाल ब्लाक शिक्षा अधिकारी सोनीपत (सदस्य) 
राजेंद्र सिंह दहिया जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
दलीप सिंह उप जिला शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
राजेंद्र पाल सिंह जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (चेयरमैन) 
सवर्ण कुमार चावला उप जिला शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
जोग्रेंद्र लाल ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य) 
उर्मिल शर्मा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सदस्य)

Friday, 4 January 2013

सर्दी और स्कूल दोनों अड़े, बच्चे ठंड से कैसे लड़े


हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से शुरू हुआ नया साल बच्चों पर भारी पड़ रहा है। सर्दी ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, बावजूद इसके स्कूलों में छुट्टियां नहीं की जा रहीं। प्रशासन और स्कूल प्रबंधक अपनी बात अड़े हुए हैं।उनका कहना है कि वे तो 7 जनवरी को ही तय कार्यक्रम के अनुसार छुट्टियां करेंगे। वहीं दूसरी ओर ठंड के कारण प्रतिदिन सामान्य अस्पताल में 25 बच्चे ऐसे आ रहे हैं जिनकी छाती ठंड के कारण जकड़ी जा चुकी है। उन्हें लगातार भाप दी जा रही है। चिकित्सक बच्चों को ठंड से बचने की राय दे रहे हैं।
तापमान गिरा
गुरुवार को दूसरे दिन भी ठंड का असर जारी रहा। गुरुवार को अधिकतम पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस था।
अभी ठंड से राहत नहीं
मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले 24 घंटों में ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। ठंड बढ़ेगी। हालांकि दोपहर के समय मौसम खुलने के भी आसार हैं, लेकिन थोड़ी देर के लिए ही। 
कुछ प्राइवेट व सीबीएसई स्कूलों में छुट्टियां
सर्दी को देखते हुए इक्का दुक्का सीबीएसई व प्राइवेट स्कूलों ने छुट्टियां कर दी हैं। उधर, डीएवी थर्मल के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी व सर छोटूराम हैरिटेज स्कूल के निदेशक बिजेंद्र मान ने कहा कि वे सरकारी स्कूलों के साथ दो दिन बाद 7 जनवरी को ही छुट्टियां करेंगे।

Saturday, 22 December 2012

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी:25 दिसंबर की परीक्षा स्थगित

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा ने अंडर ग्रेजुएट एवं पोस्ट गे्रजुएट स्तर की 25 दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। ये सभी परीक्षाएं अब 5 जनवरी 2013 शनिवार को होंगी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र एवं समय पहले से निर्धारित रहेंगे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त बदलाव की जानकारी यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट केयूके डॉट एसी डॉट इन पर भी उपलब्ध है। संबंधित छात्र इस बदलाव के अलावा बाकी परीक्षा कार्यक्रम भी वहां से देख सकते हैं।

पढ़ाई छोडऩे वालों के लिए शॉर्ट-टर्म कोर्स

हरियाणा में बीच में पढ़ाई छोडऩे वाले युवाओं के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा आईटीआई से सम्बन्धित सभी ट्रेड्स में 120 से 200 घंटे तक के शार्ट-टर्म पाठयक्रम करवायें जाएंगे। हरियाणा औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक आरसी वर्मा ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मण्डल स्तरीय सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रिंसीपल की बैठक में बताया कि स्कूल शिक्षा बीच में छोड़े हुए युवाओं को शॉर्ट टर्म कोर्स करवाकर व्यवसाय हेतू ऋण दिलाने की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। विभाग द्वारा विभिन्न ट्रेड्स से पासआउट बच्चों की प्लेसमेंट पर विशेष जोर दिया जाएगा। हालांकि राज्य की कई आईटीआई में अभी भी शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हो रहा है। फिर भी विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आईटीआई से शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हो। उन्होंने सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार के लिए बैस्ट इंस्टीट्यूट अवार्ड भी शुरू किया है।

Friday, 21 December 2012

60 लोगों की राय तय करेगी लाखों बच्चों का भविष्य

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं के सेमेस्टर सिस्टम में बदलाव अब केवल 60 लोगों की राय से होगा। यानी 60 से भी कम लोगों की राय लाखों बच्चों का भविष्य तय करेगी। जी हां, बोर्ड ने सेमेस्टर सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए बदलाव की योजना बनाई थी और आम लोगों से बदलाव के लिए सुझाव मांगे थे। साथ ही बदलावों को लेकर कुछ ऑप्शन भी दिए थे। बोर्ड की इस योजना में लोगों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई और सिर्फ 60 लोगों ने ही अपनी राय दी। अब सभी राय को बोर्ड अधिकारियों की मीटिंग में रखा जाएगा और उसके बाद ही बदलाव पर विचार- विमर्श किया जाएगा। 
ब्लॉग से मांगी थी राय 
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर ब्लॉग बना लोगों से सेमेस्टर सिस्टम में बदलाव के लिए राय मांगी थी। इसके अलावा समाचार पत्रों में विज्ञापन भी छपवाया गया था। डाक के माध्यम से भी अपनी राय बोर्ड तक पहुंचाने का ऑप्शन रखा गया था। इसमें बोर्ड ने बदलाव को लेकर नौ से 10 ऑप्शन भी दिए थे कि इन बदलावों को किया जाए तो कैसा रहे। करीब 15 दिन तक लोगों की राय ली गई। 
बोर्ड ने ब्लॉग पर मांगी राय के तहत सेमेस्टर सिस्टम को बेहतर बनाने व 9वीं व 11वीं कक्षाओं की परीक्षाओं को भी गंभीरता से लेने की योजना बनाई थी। बदलावों में 9वीं व 11वीं कक्षा के परिणाम को बोर्ड परीक्षाओं में वरियता देने, 9वीं कक्षा के फाइनल परिणाम को 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 25 फीसदी तक वरीयता देने, 11वीं के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के प्रश्न पत्र बोर्ड की ओर से तैयार करने, 11वीं की द्वितीय सेमेस्टर परीक्षाएं बोर्ड की ओर से करवाने, सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी कक्षाओं के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने की जिम्मेवारी स्कूल को ही सौंपने आदि सवालों पर सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा विषय मिश्रण (सब्जेक्ट कंबिनेशन) पर भी सुझाव मांगे गए थे। 
"सेमेस्टर सिस्टम में बदलाव के लिए आमजन, शिक्षाविदों से राय मांगी थी। राय कम ही लोगों की आई है। करीब 60 लोगों ने बदलाव पर अपनी राय दी है। इसी पर चर्चा के लिए पिछले दिनों बोर्ड अधिकारियों की बैठक होनी थी, मगर वह किसी कारणवश टल गई। अब जनवरी में बैठक होने की संभावना है, जिसमें सभी की राय रखी जाएगी। राय पर अधिकारी विचार विमर्श कर बदलाव करेंगे।" योगेश वशिष्ठ, सहायक निदेशक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

Thursday, 20 December 2012

हाईकोर्ट में पीटीआई भर्ती घोटाले की सुनवाई

आपराधिक कार्रवाई की मांग ठुकराई

हरियाणा में 1983 फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स (पीटीआई) भर्ती खारिज करने के एकल जज के फैसले को रद्द किए जाने की मांग पर सुनवाई विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने मामले में किसी आपराधिक कार्रवाई की मांग को स्वीकार करने से फिलहाल इंकार कर दिया है। 
चीफ जस्टिस सीकरी व जैन की खंडपीठ ने कहा कि एकल जज के फैसले के खिलाफ अपील पर 11 फरवरी के लिए सुनवाई विचाराधीन है। ऐसे में किसी आपराधिक कार्रवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। हिसार की एक्स नेवल परसोनल वेलफेयर सोसायटी की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि उस समय हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन व सभी आठ सदस्यों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करनो की मांग की। 
सीधे इंटरव्यू पर बुलाया 
20 जुलाई 2006 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पीटीआई के 1983 पदों के लिए आवेदन मांगे। 2007 को लिखित परीक्षा खारिज कर दी गई। 20 जुलाई 2008 को एक बार फिर लिखित परीक्षा खारिज कर दी गई। इसके बाद कुल पदों से आठ गुना उम्मीदवारों को सीधे इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। दो सितंबर 2008 से 17 अक्टूबर 2008 तक उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए और डेढ़ साल बाद 10 अप्रैल 2010 को इसका परिणाम घोषित किया गया। याचिका में कहा गया है कि इंटरव्यू के 25 अंक तय किए गए थे जिसे बाद में 30 कर दिया गया। नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें फेरबदल नहीं किया जा सकता। महज चहेतों को नियुक्तिदेने के लिए मानदंड बदले गए। आरटीआई से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि 14 ऐसे उम्मीदवारों को इंटरव्यू में ज्यादा अंक दिए गए, जिनकी नियुक्तिके आसार नहीं थे।

हरियाणा ओपन स्कूल 10वीं और 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित

बारहवीं में लड़कियों ने बाजी मारी
हरियाणा ओपन स्कूल की दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 34 फीसदी रहा है, जबकि ओपन स्कूल बारहवीं की परीक्षा में 52 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए हैं।
ओपन स्कूल की सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी रि-अपीयर, पहले व दूसरा सेमेस्टर, बिना सेमेस्टर की सितंबर में हुई परीक्षा का परिणाम 20 दिसंबर को घोषित किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम सुबह नौ बजे बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएगा।
हरियाणा ओपन स्कूल की सेकेंडरी परीक्षा में 23808 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 8147 परीक्षार्थी पास हुए, जिनकी पास प्रतिशतता 34.21 रही है। इनमें लड़कियों की पास प्रतिशतता 31.82 और लड़कों की पास प्रतिशतता 35.37 रही है। ओपन स्कूल की 12वीं परीक्षा में 17644 परीक्षार्थी बैठे थे। इनमें से 9177 परीक्षार्थी पास हो सके। इनकी पास प्रतिशतता 52.01 रही है, जिनमें 56.41 प्रतिशत लड़कियां और 50.43 प्रतिशत लड़के शामिल हैं।

पीआरटी अध्यापक भर्ती, एक से डाउनलोड होंगे कॉल लेटर

21 जनवरी से रोहतक, रेवाड़ी में इंटरव्यू
प्रदेश के जिन भावी अध्यापकों ने मेवात जिले के प्राथमिक अध्यापक के पद पर भर्ती होने के लिए आवेदन किए थे। उन सभी पात्र उम्मीदवारों के इंटरव्यू व उनके प्रमाण पत्रों की जांच का शेड्यूल हरियाणा स्कूल अध्यापक भर्ती बोर्ड ने जारी कर दिया है। 21 जनवरी से मेवात जिले के 1107 पदों को भरने के लिए आवेदकों के प्रमाण पत्रों की जांच एवं उनके इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू होनी है। 
संबंधित आवेदक को अपने साथ अपने आवेदन की कॉपी, मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित होना है। फिलहाल रोहतक व रेवाड़ी दो केंद्रों पर इंटरव्यू होंगे। इंटरव्यू से पहले आवेदन में दी गई जानकारी के मुताबिक मूल प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। बोर्ड प्रवक्ता के मुताबिक एक जनवरी से बोर्ड व संबंधित साइट से आवेदक अपना काल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। 
कॉल लेटर हर आवेदक के लिए जरूरी है। इन वर्गों के लिए लाभ :
1107 पद पर भर्ती के लिए सामान्य वर्ग के लिए 447, एसई वर्ग के लिए 181, बीसी-ए वर्ग के लिए 143, बीसी-बी वर्ग के लिए 80, भूतपूर्व सैनिकों के लिए 148 व अन्य के लिए 87 पद आरक्षित हैं।

Tuesday, 18 December 2012

जेबीटी घोटाला: आरोपियों को हो सकती है 3 से 7 साल की कैद

16 जनवरी को आएगा फैसला, आरोपियों में ओमप्रकाश चौटाला, अजय, बड़शामी, विद्याधर और संजीव कुमार भी
विशेष सीबीआई कोर्ट हरियाणा के बहुचर्चित जेबीटी भर्ती घोटाले में आगामी 16 जनवरी को अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला, उनके बेटे अजय सिंह, पूर्व राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बड़शामी, आईएएस अधिकारी एवं पूर्व ओएसडी विद्याधर व आईएएस संजीव कुमार समेत कुल 55 आरोपी हैं। इन पर भर्ती में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र, गलत दस्तावेजों का प्रयोग व भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (1) बी व 13 (डी) के तहत आरोप निर्धारित हैं। दोषी पाए जाने पर आरोपियों को तीन से सात साल तक कैद हो सकती है। सोमवार को आदेश जारी करते हुए जज विनोद कुमार ने कहा कि फैसले के दिन सभी आरोपी सुबह 10 बजे कोर्ट में हाजिर हों। 
यह है मामला: तत्कालीन चौटाला सरकार ने सितंबर 1999 में जेबीटी शिक्षकों के 3206 पदों के लिए 18 जिलों में जिलास्तरीय चयन कमेटियों के जरिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ की। आईएएस अधिकारी व पूर्व शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर करके दो मैरिट सूचियों का प्रयोग करने का आरोप चौटाला, उनके बड़े बेटे, राजनीतिक सलाहकार व ओएसडी पर लगाया। आरोप था कि कुल 8 हजार आवेदकों के चयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। और मैरिट में आने वाले आवेदकों को 20 में से 3 से 5 अंक दिए गए। दूसरी ओर कम योग्यता वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार में 17 से 19 अंक देकर मैरिट में ऊपर लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के आदेश दे दिए। सीबीआई ने जांच के बाद 6 जून 2008 को चौटाला समेत कुल 59 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप दाखिल किया। 
चार साल चली सुनवाई :आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई साढ़े चार साल में पूरी हो पाई है। इस दौरान सैकड़ों गवाही दर्ज की गई। मामले में नामजद कुल 59 आरोपियों में से 4 की मौत भी हो चुकी है।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के फैसले से सुधरा पहले सेमेस्टर का रिजल्ट

ग्रेस माक्र्स से 1.75 लाख परीक्षार्थी   पास
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अगर परीक्षार्थियों पर मेहरबान न होता तो पौने दो लाख परीक्षार्थी और फेल हो जाते। शिक्षा बोर्ड ने इस बार सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी के परीक्षार्थियों को 22 फीसदी तक ग्रेस माक्र्स दिए हैं। हालांकि बोर्ड ने इस दफा ग्रेस माक्र्स सभी परीक्षार्थियों को न देकर, सिर्फ उन्हीं परीक्षार्थियों को दिए हैं, जो कुछ नंबरों से पास होने से वंचित रह गए। 
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 14 दिसंबर को सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी का पहले सेमेस्टर का परिणाम घोषित किया। हालांकि बोर्ड ने यह परिणाम आंकड़ों में घोषित नहीं किया। बोर्ड के मुताबिक यह परिणाम नहीं है। यह परीक्षार्थियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट है। मगर, सूत्रों के मुताबिक सेकंडरी का परिणाम लगभग 58 फीसदी और सीनियर सेकंडरी का परिणाम लगभग 63 फीसदी रहा, लेकिन हकीकत में सेकंडरी का परिणाम लगभग 34 व सीनियर सेकंडरी का लगभग 48 फीसदी था, जिसे ग्रेस माक्र्स की मदद से बढ़ाकर 58 व 63 फीसदी किया गया। मतलब कि सेकंडरी में 24 व सीनियर सेकंडरी में 15 फीसदी परीक्षार्थी बोर्ड की मेहरबानी से पास हुए हैं। 
इस बार सेकंडरी में 5 लाख 5 हजार से ज्यादा और सीनियर सेकंडरी में 3 लाख 69 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए। ग्रेस माक्र्स के चलते सेकंडरी में 1 लाख 21 हजार से ज्यादा और सीनियर सेकंडरी में 55 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी पास हुए हैं। 
अंग्रेजी में सबसे ज्यादा 17 अंक की ग्रेस 
शिक्षा बोर्ड ने दसवीं के परीक्षार्थियों को 22 फीसदी अंक तक की ग्रेस दी है। सूत्रों के मुताबिक अंग्रेजी व गणित में सबसे ज्यादा 17, सामाजिक विज्ञान में 13 और विज्ञान में 10 अंकों की ग्रेस दी गई है। उधर, सीनियर सेकंडरी के भी लगभग सभी विषयों में ग्रेस माक्र्स दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीनियर सेकंडरी में लगभग सभी विषयों में 10 अंक तक ग्रेस माक्र्स दिए हैं। हालांकि इस दफा बोर्ड ने ग्रेस अंक की कृपा सभी को न देकर सिर्फ उन परीक्षार्थियों को दी है, जो कुछ अंकों के अंतर से किसी विषय में फेल हो रहे थे। 
"यह ग्रेस माक्र्स नहीं है, बल्कि यह मॉडरेशन किया है। हालांकि इस बार बोर्ड ने इसका फायदा उन्हीं परीक्षार्थियों को दिया है, जो मॉडरेशन की मदद से पास हो रहे थे। अकेला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ही ऐसा नहीं करता, बल्कि सभी बोर्ड परिणाम का मॉडरेशन करते हैं।" महेंद्रपाल सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

Saturday, 15 December 2012

कैथल में खुलेगा हरियाणा संस्कृत विश्वविद्यालय

कैथल में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को जमीन देखने के लिए भारतीय सौंदर्यशास्त्र शोध प्रतिष्ठानम कपिस्थल के निदेशक डॉ. अरुणेश्वर झा के नेतृत्व में टीम पहुंची। शोध प्रतिष्ठान से जुड़े देश-विदेश के शिक्षाविदों के सहयोग से यह विश्वविद्यालय खोला जाएगा। इसका नाम हरियाणा संस्कृत विश्वविद्यालय रखा जाएगा। 
विश्वविद्यालय खुलने से पंजाब, हरियाणा के अलावा उत्तर भारत के विद्यार्थियों को फायदा होगा। जिसमें छह अंगों सहित वेद, षटदर्शन, धर्मशास्त्र, 18 पुराण, महाभारत और रामायण का अध्ययन और शोध कार्य आरंभ होगा। डॉ. झा ने बताया कि विदेशों में संस्कृत का प्रचार खूब हो रहा है। वहां संस्कृत के लिए पैसा भी खूब मिल रहा है, लेकिन यहां संस्कृत के लिए लोग पैसा नहीं दे रहे हैं। इस प्राइवेट विश्वविद्यालय के लिए विदेशों से पैसा लाया जाएगा। विदेशों से संस्कृत के प्रोफेसर्स यहां आकर पढ़ाएंगे।

शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स भी कराएंगी आईटीआई

हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इकाई ने प्रदेश में स्किल्ड वर्क फोर्स बढ़ाने की जिम्मेदारी एक बार फिर अपने कंधों पर संभाली है। प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभाग फिर से शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने जा रहा है। ये कोर्स केंद्र सरकार की मॉड्यूलर एंपलॉयबल स्किल्स स्कीम के तहत शुरू किए जाएंगे। कुछ साल पहले शुरू किए गए इसी तरह के कोर्सों को केंद्र सरकार की स्कीम में बदलाव आने के कारण बंद करना पड़ा था। गुडग़ांव आईटीआई भी जनवरी माह से 20 शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने जा रही है। हालांकि अभी तक शुरू होने वाले कोर्सों की फाइनल लिस्ट तैयार नहीं हो सकी है। 
सभी प्रिंसिपलों को दिए निर्देश: शुक्रवार को हुई गुडग़ांव मंडल के 25 आईटीआई संस्थानों के प्रिंसिपलों की बैठक में विभाग के निदेशक आरसी शर्मा ने सभी प्रिंसिपलों को निर्देश दिए कि वे संस्थान में इन कोर्सों को शुरू करें। 25 दिसंबर तक सभी प्रिंसिपलों को कोर्सों की लिस्ट भेजने के लिए कहा गया है। 
अनपढ़ छात्रों को भी एडमिशन मिल सकेगा 
आईटीआई संस्थानों में शुरू किए जाने वाले बहुत से ऐसे प्रैक्टिकल कोर्स होंगे, जिनमें अनपढ़ छात्रों को भी एडमिशन मिल सकेगा। इन छात्रों को बेसिक पढ़ाई कराने के साथ-साथ बताया जाएगा कि इंडस्ट्रियों में किस तरह से काम होता है। उन्हें काम सिखाकर स्किल्ड वर्कर बनाया जाएगा। ऐसे छात्रों को भी इंडस्ट्रियों में जॉब मिल सकेगी। सर्टिफिकेट भी मिलेगा। इन शॉर्ट टर्म कोर्सों की खास बात यह होगी कि अब छात्रों को सर्टिफिकेट भी मिलेगा। 
फिर शुरू होंगे कुछ कोर्स 
आईटीआई गुडग़ांव में पहले इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, प्रोडक्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, फैब्रिकेशन, ऑटोमेटिव रिपेयर फील्ड के 24 कोर्स चल रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार की स्कीम में कुछ बदलाव होने के चलते इन कोर्सों को बंद करना पड़ा था। अब इनमें से भी कुछ कोर्सों को मोडिफिकेशन कर चलाया जा सकता है।

Friday, 7 December 2012

डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर बंद करने की नोटिफिकेशन जारी

प्रदेश के चार बड़े विश्वविद्यालय कभी नहीं कर पाएंगे डिस्टेंस कोर्सों में नए एडमिशन, लाखों छात्रों का भविष्य अधर में
हरियाणा सरकार ने विधानसभा में पास किए गए डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर बंद करने संबंधी फैसले की गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। विधानसभा में रखे गए मामले और अब जारी की गई नोटिफिकेशन में काफी अंतर है। नोटिफिकेशन को देखकर सभी खासे परेशान हैं। इसके अनुसार अब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय और भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय सोनीपत में से कोई भविष्य में कभी भी डिस्टेंस कोर्सों में नए एडमिशन नहीं कर सकेगा। इन चारों विश्वविद्यालयों को अपनी सारी डिस्टेंस ब्रांच बंद करनी पड़ेंगी। 
"गजट नोटिफिकेशन की कॉपी अभी नहीं मिली, लेकिन अगर उसमें डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करने की बात कही गई है तो यह हरियाणा में शिक्षा जगत का सबसे काला दिन होगा।" -आरके शर्र्मा, निदेशक, डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच, केयू 
जब तक इस मामले में मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री का बयान नहीं आ जाता तब तक इस मामले में संशय की स्थिति बरकरार रहेगी। क्योंकि फिलहाल गजट नोटिफिकेशन की जो कॉपी आई है वो सिर्फ अंग्रेजी में है। इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करने का आदेश दे रही है या विश्वविद्यालयों को सलाह दे रही है। अगर यह सलाह है तो कोई भी विश्वविद्यालय डिस्टेंस एजुकेशन को बंद नहीं करना चाहेगा। 
विश्वविद्यालयों की कमाई का सबसे बड़ा साधन डिस्टेंस एजुकेशन ही है। एमडीयू जैसे विश्वविद्यालयों की स्थिति तो ऐसी है कि अगर डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच बंद हो जाएगी तो स्टॉफ को सैलरी देने में भी विश्वविद्यालय प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विश्वविद्यालय के साथ-साथ कॉलेजों को भी डिस्टेंस कोर्सों में एडमिशन से अच्छी खासी कमाई होती थी। अब कॉलेजों की कमाई भी खत्म हो जाएगी। 
अकेले एमडीयू से हर साल करीब डेढ़ लाख छात्र डिस्टेंस कोर्स से पढ़ाई करते हैं। डिस्टेंस के तहत वही छात्र पढ़ाई करते हैं जिन्हें रेगुलर कोर्सों में एडमिशन नहीं मिलता और जो जॉब के साथ पढ़ाई भी करना चाहते हैं। अगर विश्वविद्यालयों की डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच ही बंद हो जाएंगी तो ऐसे छात्रों को क्या अब उच्चत्तर शिक्षा से महरूम ही रहना पड़ेगा। इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। 
*पहले विधानसभा में हुआ था डिस्टेंस सेंटर बंद करने का फैसला 
*विश्वविद्यालयों को अपनी डिस्टेंस ब्रांच बंद करनी पड़ेगी 
*छात्रों  को अब उच्चत्तर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की राह पकडऩी होगी

"गजट नोटिफिकेशन की कॉपी मिल गई है। शायद सरकार डिस्टेंस एजुकेशन को बंद करना चाहती है, लेकिन स्पष्ट तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।" -एनके गर्ग, निदेशक, डिस्टेंस एजुकेशन ब्रांच, एमडीयू 

Wednesday, 5 December 2012

जेबीटी भर्ती के लिए बीएड पात्रता नहीं: उच्च न्यायालय

बीएड पास उम्मीदवारों को तगड़ा झटका, सभी याचिकाएं खारिज 
प्राइमरी शिक्षक के लिए बीएड को पात्रता नहीं ठहराया जा सकता। इस संबंध में दाखिल अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि प्राइमरी शिक्षक के लिए मूल पात्रता ईटीटी अथवा जेबीटी है। ऐसे में बीएड को पात्रता नहीं ठहराया जा सकता। दायर संबंधित याचिकाओं में कहा गया कि हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने 8 नवंबर 2012 को प्राइमरी शिक्षकों के 8763 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। 
इन पदों के लिए बीएड करने वाले उम्मीदवारों को योग्य नहीं ठहराया गया। याचिका में कहा गया कि इस संबंध में हरियाणा प्राइमरी स्कूल एजूकेशन (ग्रुप सी) के डिस्ट्रिक्ट कैडर सर्विस रूल्स 2012 की उस धारा को खारिज किया जाए जिसमें बीएड को प्राइमरी शिक्षक की नियुक्ति के लिए पात्रता नहीं माना गया है। याचियों की तरफ से कहा गया कि उन्होंने राज्य पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर रखी है और वे सभी बीएड हैं। 
ऐसे में उन्हें भी इन पदों के लिए योग्य माना जाए। हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि प्राइमरी शिक्षक के लिए मूल पात्रता ईटीटी अथवा जेबीटी है। ऐसे में बीएड अतिरिक्त योग्यता तो हो सकती है लेकिन इसे मूल पात्रता नहीं समझा जा सकता। याचियों की तरफ से मांग की गई कि उन्हें प्रोविजनल तौर पर ही सही पदों के लिए पात्र माना जाए लेकिन चीफ जस्टिस अरजन कुमार सीकरी व जस्टिस राकेश कुमार जैन की खंडपीठ ने दलीलों को नकारते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी। 
प्रदेश में करीब 15 हजार बीएड पास उम्मीदवारों के लिए जेबीटी भर्ती में शामिल होने की सिर्फ एक उम्मीद प्रदेश सरकार है। 23 अगस्त 2010 में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर बीएड पास को जेबीटी के लिए योग्य माना था। बीएड पास वालों के लिए जेबीटी लगने की तिथि जनवरी 2012 ही निर्धारित की थी। यानी जनवरी 2012 तक ही बीएड पास जेबीटी भर्ती के योग्य माने गए। कोर्ट ने अपने फैसले में यह संभावना छोड़ी है कि यदि प्रदेश सरकार उसी डेडलाइन को बढ़ाने के लिए नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से बात करें और वहां से मंजूरी मिले तो बीएड उम्मीदवार भर्ती में शामिल हो सकते हैं। सुमन बाला व अन्य ने बीएड पास उम्मीदवारों की ओर से याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 18 नवंबर की सुनवाई में बीएड को प्रोविजनल तौर पर योग्य माना था। जेबीटी उम्मीदवारों की ओर से 30 नवंबर को इसमें पार्टी बनने को अपील की। राज्य में करीब 18 हजार जेबीटी हैं।

Monday, 3 December 2012

सेवानिवृत्त शिक्षक करेंगे री-चेकिंग

 पिछली परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों ने उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के कार्य का बहिष्कार किया था। इससे परिणाम में देरी होने की भी नौबत आ गई थी।शिक्षक जांच राशि बढ़वाने व अन्य मांगें कर रहे थे। इसके अलावा बोर्ड कर्मचारियों पर भी कार्य का अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा। पिछले दिनों हुई बोर्ड अधिकारियों की बैठक में री-चेकिंग का कार्य सेवानिवृत्त शिक्षकों, प्राध्यापकों से कराने का निर्णय लिया गया। सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद रि-चेकिंग होने वाली उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या भी काफी बढ़ गई है। सेकंडरी व सीनियर सेकंडरी की रि-चेकिंग होने वाली उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या भी हजारों में होती है। इसलिए उत्तरपुस्तिकाओं की समय पर रि-चेकिंग करवाना हमेशा ही बोर्ड के लिए चुनौती रहा है। इस बार पहले ही योजना बनाने से रि-चेकिंग का कार्य समय पर पूरा होने की उम्मीद है।
"हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अधिकारियों की बैठक में रि-चेकिंग के मुद्दे पर विचार- विमर्श हुआ था। अब सेवानिवृत्त शिक्षकों से रि-चेकिंग कराने का निर्णय लिया है। इससे स्टाफ सदस्यों पर भी काम का बोझ नहीं आएगा और काम भी जल्दी हो जाएगा।" डीके बेहरा, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड

100 करोड़ रुपए के ड्यूल डेस्क खरीद का ऑर्डर

प्रदेश की शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थी जमीन पर न बैठें। इसके लिए विभाग की ओर से सार्थक कदम उठाते हुए करीब 100 करोड़ रूपए से अधिक लागत के ड्यूल डेस्क की खरीद का आर्डर दिया है, जिसकी जल्द ही सप्लाई प्रदेश के स्कूलों में शुरू हो जाएगी। भुक्कल रविवार को झज्जर में अपने निवास स्थान पर क्षेत्र के लोगों से रूबरू होने के बाद विभिन्न विकासात्मक पहलुओं की जानकारी दे रही थीं। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षामंत्री भुक्कल ने कहा कि मुख्यमंत्री सौंदर्यकरण पुस्कार योजना के अंतर्गत अब प्रदेश के स्कूलों में बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, साथ ही स्कूल प्रशासन के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन समितियों की भी सक्रिय भागीदारी से स्कूलों का स्वरूप बदला जा रहा है। प्रयास है कि स्कूल के कमरों में कोई विद्यार्थी जमीन पर न बैठे इसके लिए फर्नीचर की पूर्ण व्यवस्था की जा रही है। इतना ही नहीं स्कूली बच्चों के साथ ही उनके शिक्षकों को भी बेहतर इंफ्रास्टक्चर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

Sunday, 2 December 2012

एचटेट-2011 के प्रश्न-पत्र होंगे साइट पर अपलोड

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को एचटेट (स्कूल टीचर एलिजिब्लिटी टेस्ट) 2011 के सभी परीक्षार्थियों के प्रश्न-पत्र और उत्तरपुस्तिकाएं वेबसाइट पर डालनी होंगी। यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के आदेशों पर बोर्ड की ओर से डाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। बोर्ड की याचिका को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। 2011 में हुई एचटेट परीक्षा में करीब सवा चार लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका के लिए आरटीआई लगाई थी। बोर्ड ने इंकार किया तो अभ्यर्थियों ने प्रथम व द्वितीय अपील के माध्यम से राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपनी मांग पहुंचाई। राज्य सूचना आयोग ने जून माह में हरियाणा विद्यालय शिक्षाबोर्ड को सभी अभ्यर्थियों के प्रश्न पत्र व उत्तरपुस्तिकाबोर्ड की वेबसाइट पर डालने केआदेश दिए। बोर्ड ने आदेशों कीपालना में असमर्थता जताते हुए आरटीआई लगाने वाले उम्मीदवारों को प्रश्न-पत्र व उत्तरपुस्तिका जांच के लिए दिखाने का निर्णय लिया और सितंबर माह में प्रश्न-पत्र व उत्तरपुस्तिका दिखाने की कार्रवाई शुरू हुई। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राज्य सूचना आयोग केइस फैसले के खिलाफ चार सितंबरको पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका की। याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। न्यायाधीश राजेश बिंदल ने बोर्ड को जल्द सभी प्रश्न-पत्र व उत्तर पुस्तिकाएं वेबसाइट पर डालने के आदेश दिए हैं।