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Thursday, 16 November 2017

जनसेवा सर्वे पर रोक, कंपनियों से सिम कार्ड बंद करने का आग्रह

** 10 फीसद शिक्षक लगाने पर खड़ा हो गया था विवाद
** 23 अक्टूबर को सर्वे की शुरूआत करने के आदेश दिए थे सरकार ने
** 02 निजी कंपनियों से सिम का्र्ड खरीदे गए थे टेबलेट की संख्या के ही बराबर
रोहतक : प्रदेश में पंचवर्षीय योजनाएं बनाने के लिए होने वाले जनसेवा सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्तर का आंकलन करने के लिए यह सर्वे होना था। सर्वे के लिए सरकार की ओर से भेजे गए सभी टेबलेट सुरक्षित रखवा दिए गए हैं। 
आदेश मिलने की स्थिति में इन टेबलेट का सर्वे में उपयोग किया जाएगा। टेबलेट के माध्यम से सर्वे ऑनलाइन होना था। टेबलेट की संख्या की बराबर ही दो निजी कंपनियों से सिम कार्ड खरीदे गए थे। संबंधित कंपनियों को प्रशासन ने सिमकार्ड बंद करने के लिए पत्र लिखा है और इसके लिए रखे गए युवाओं के साथ ही सरकारी स्टाफ को भी रिलीव कर दिया है। बता दें कि जनसेवा सर्वे जून में ही शुरू होना था। इसके लिए सुपरवाइजरों, मास्टर ट्रेनर और प्रगणकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशक्षिण देने के बावजूद भी चार बार सर्वे की शुरूआत नहीं हो सकी। बीते माह अक्टूबर को सर्वे की शुरूआत करने के लिए सरकार ने आदेश दिए थे। इसके लिए सरकार ने 28 अक्टूबर की तारीख तय की थी, लेकिन लिखित में आदेश नहीं मिले तो काम अटक गया। जनसेवा सर्वे में परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के ब्योरे के साथ ही आनलाइन आधार कार्ड लिंक किए जाने थे। परिवार के प्रत्येक व्यक्ति की आय, कार्य, शिक्षा, आर्थिक स्थिति के साथ ही पशु रखने से लेकर घर में टीवी, फ्रिज से लेकर पक्के-कच्चे घर, प्लाट, मकान, दुकान, दूसरी संपत्तियों का भी ब्योरा इकट्ठा किया जाता। जनसेवा सर्वे के सर्वे से जुड़ी टीमों में दस फीसद शिक्षकों को भी लगाया गया था। इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।प्रदेश में विकास की योजनाएं बनाने में होगा विलंब1प्रदेश में पंचवर्षीय योजनाएं बनाने से पहले आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का आंकलन किया जाना था। सर्वे कराने का जिम्मा डिस्ट्रिक स्टेटिक्स आफिसर, प्रोग्रामर संदीप कौशिक, पटवारी अमित कुमार, अक्षय और डीआइओ रोहतक को सौंपा गया। सर्वे का कार्य अटकने से योजनाएं बनाने में देरी हो सकती है।

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