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Saturday, 12 August 2017

सात दिन से ज्यादा नहीं रुकेंगी शिक्षकों की फाइलें

** सात दिन के अंदर संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारियों को देना होगा जवाब, नहीं तो होगी कार्रवाई
फतेहाबाद: शिक्षा विभाग निदेशालय ने शिक्षकों को राहत दी है। अब उनके द्वारा लाभ लेने के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेजी गई फाइलें सात दिन से ज्यादा नहीं रूकेंगी। अगर कोई अधिकारी रोकता है तो उन पर कार्रवाई तय है। शिक्षा विभाग निदेशालय ने फाइलें रोकने की मिल रही शिकायतों को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। शुक्रवार को आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों ने इसे निदेशालय का अच्छा फैसला बताया है। 
शिक्षा विभाग निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है कि शिक्षकों द्वारा जो एसीपी, सीसीएल, एनओसी व मेडिकल क्लेम के लिए जो फाइल विभाग के पास भेजी जाती हैं। उसे सात दिन से ज्यादा न रोका जाए। अगर उसमें कोई कमी है तो उसे सात दिन के अंदर कमेंटस लिखा जाए, अगर कोई कमी नहीं है तो उसे तय दिन के अंदर अगले कार्यालय के पास भेजा जाए। निदेशालय ने साफ कहा है कि बीइओ व डीइओ कार्यालय सात दिन से ज्यादा अपने पास फाइल न रखें। इन फाइलों को निदेशालय में भेजें। निदेशालय में 7 से 30 दिन के अंदर कार्यवाही होगी। 
ये आती थी परेशानी : 
शिक्षकों के अनुसार फाइलों को डीडीओ के पास भेजा जाता था। डीडीओ से फाइल खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचती। यहां से फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तो चली जाती है लेकिन यहां पर कई महीनों तक अटकी रहती है और निदेशालय के पास नहीं भेजा जाता है। जिससे शिक्षक लाभ से वंचित रह जाते हैं। 
"शिक्षा विभाग निदेशालय के आदेश के अनुसार एसीपी, सीसीएल, एनओसी व मेडिकल क्लेम की फाइलें सात दिन से ज्यादा नहीं रूकेंगी। शिक्षक इस फैसले को लेकर खुश हैं। क्यों कि शिक्षकों की फाइलें कई-कई महीनों तक जिला स्तर पर रूकी रहती हैं। कई बार जानबूझकर उस पर आपत्ति लगा दी जाती हैं और रोक लिया जाता है। संघ इसको लेकर काफी समय से मांग कर रहा था।"-- विकास टुटेजा जिला प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ फतेहाबाद

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