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Monday, 26 December 2016

कमाने का टैलेंट भी सीखेंगे बच्चे

** शिक्षा विभाग ने नए सत्र के लिए सात नए कोर्स जोड़े 

** पढ़ाई के बाद लड़कियां खोल सकेंगी ब्यूटी पार्लर

रोहतक : सरकारी स्कूलों के बच्चे अब पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ कमाने का भी हुनर सीखेंगे। उन्हें स्कूली स्तर से ही स्किल डेवलपमेंट का हुनर सिखाया जाएगा। इस कवायद के तहत शिक्षा विभाग ने नए सत्र के लिए सात नए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स जोड़े हैं। नए कोर्स जोड़ने के पीछे शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्किल डेवलपमेंट के लिए पहले से ज्यादा विकल्प देना है ताकि विद्यार्थी किसी भी कोर्स को चुनकर उसमें अपना हुनर दिखा सके।

यह कोर्स बच्चे स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी कर सकेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) की ओर से तमाम स्कूलों में पत्र भेजे गए हैं। जिसमें कोर्स शुरू कराने के इच्छुक स्कूलों का ब्यौरा मांगा गया है। नौवीं कक्षा से 12वीं तक यह स्किल डेवलपमेंट कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को डिप्लोमा भी दिया जाएगा। यह चार वर्षीय कोर्स करने के बाद उनको अलग से औद्योगिक प्रशिक्षण पाने के लिए आइटीआइ की ओर नहीं भागना पड़ेगा। 

यह कोर्स करने के बाद लड़कियां अपने गांवों में भी ब्यूटी पार्लर या खुद की दुकान चलाकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी। पहले स्किल डेवलपमेंट कोर्स प्रदेश के 500 स्कूलों में कराए जा रहे थे। अब प्रदेश सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 990 कर दी है। अब पहले स्कूलों में 14 प्रकार के कोर्स कराए जा रहे थे लेकिन अब सात कोर्स और जोड़े गए है। जिससे अब कोर्स की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। विभिन्न कोर्सों में हुनर दिखाने के लिए विद्यार्थियों के पास अब पहले से ज्यादा विकल्प हैं।
"राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कराए जाने वाले इन स्किल डेवलपमेंट कोर्स को लेने के इच्छ़ुक स्कूलों की सूची मांगी गई है। इसके लिए जिला के तमाम स्कूलों में पत्र भेजे गए हैं। अगर किसी स्कूल में नौवीं कक्षा में 25 विद्यार्थी इनमें से किसी भी कोर्स को करने के इच्छुक होंगे तो उस स्कूल में वही कोर्स शुरू करा दिया जाएगा।"-- सुरेश हुड्डा, असिस्टेंट प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, आरएमएसए, रोहतक
"पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार के स्किल डेवलपमेंट कोर्स करने के बाद विद्यार्थियों की 95 फीसद तक प्लेसमेंट होती है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिए जाते हैं। विद्यार्थियों को पुस्तक व प्रायोगिक परीक्षा सहित तमाम पाठ्य सामग्री निश्शुल्क दी जाती है। कोर्स करने वाले विद्यार्थी नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार भी कर सकते हैं।"-- बालकिशन यादव, सलाहकार, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, पंचकूला ।

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