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Wednesday, 18 December 2013

PGT अभ्यर्थी : धक्के खाने के बाद मिला फिटनेस प्रमाण पत्र

** लेक्चरर पदों के अभ्यर्थियों को आनन-फानन में ज्वाइन कराने का असर मरीजों पर पड़ा 
अम्बाला सिटी : शिक्षा निदेशालय द्वारा लेक्चरर पदों के अभ्यर्थियों को आनन-फानन में ज्वाइन कराने का असर यह हुआ है कि 12 घंटे, 160 रुपए खर्च करने तथा धक्के खाने के बाद मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र मिल पाया। इसके लिए अभ्यर्थी सिविल अस्पताल से लेकर पुराने सिविल अस्पताल तक डॉक्टरों के कमरे के बाहर धक्के खाते रहे। 
सुबह सात बजे से लाइन में लगे अभ्यर्थियों में कुछ अभ्यर्थियों को रात आठ बजे तक फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया था। 
इसमें कुछ अम्बाला के ग्रामीण क्षेत्रों व कुरुक्षेत्र, करनाल व चंडीगढ़ से आए थे। कुरुक्षेत्र व करनाल में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से वहां के अभ्यर्थियों को भी अम्बाला सिविल अस्पताल से मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र लेने को कह दिया गया था। कुरुक्षेत्र से आई कुलदीप कौर व करनाल से आई गुरविंद्र कौर ने बताया कि कुरुक्षेत्र व करनाल में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से उन्हें अम्बाला सिविल अस्पताल भेजा गया है। ज्वाइनिंग को लेकर सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्थानों में अध्यापन कर रहे शिक्षकों में असमंजस बरकरार है। जिसके चलते कितने अभ्यर्थियों ने ज्वाइनिंग नहीं किया। कैंट के मोहित, रीमा, बराड़ा के राकदीप ने बताया कि हम अपनी पहले प्राप्त हुई नौकरी छोड़ दें अथवा नहीं, इस बारे में शिक्षा निदेशालय से कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। 
ओपीडी के मरीजों को भी परेशानी 
सबसे ज्यादा भीड़ सिविल अस्पताल में फिजिशियन डॉ. हम्बीर मजूमदार के कमरे के बाहर लगी रही। सुबह सात बजे से आए अभ्यर्थियों का धैर्य चार घंटे खड़ा होने के बाद दोपहर 11 बजते-बजते जवाब दे गया। डॉक्टर के कमरे के बाहर खड़े अभ्यर्थी व डॉक्टर के पास प्रमाण पत्र ले जा रहे चपरासी से तू-तू-मैं-मैं होने लगी। यहां ओपीडी के मरीज खास तौर पर बुजुर्ग महिलाएं अपना एक्सरे रिपोर्ट दिखाने के लिए खड़ी थी। धक्का-मुक्की से उनकी सहनशीलता भी खत्म हो गई। सभी ने मिलकर स्वास्थ्य विभाग को खूब कोसा। रोमिला देवी, कल्पना सिंह, सुखिया रानी व सरोज रानी ने कहा कि वह तीन घंटे से डॉक्टर के कमरे के बाहर अपना एक्सरे रिपोर्ट दिखाने के लिए खड़ी हैं, अभी तक नंबर नहं आया।
काम निपटाकर ही जाएं
फिटनेस प्रमाण पत्र संबंधी काम देख रहे स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को सिविल सर्जन की ओर से शाम को कह दिया गया कि मंगलवार को जमा किए हुए सभी प्रमाण पत्र की जांच कर अभ्यर्थियों को इसी दिन फिटनेस प्रमाण पत्र दे दिया जाए चाहे कितना भी वक्त लगे। इससे घर जाने वाले डॉक्टर व क्लर्क रात आठ बजे तक रजिस्ट्रेशन व फिटनेस प्रमाण देने में लगे रहे। 
अफसरों से कह दिया है 
"मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र का काम देख रहे कर्मचारी और अधिकारियों को कह दिया गया है 
कि मंगलवार को जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर अभ्यर्थियों को इसी दिन मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जाए। चाहे कितना भी वक्त लग जाए।"--डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन अम्बाला 
रात आठ बजे तक प्रमाण पत्र देने में लगे रहे 
मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए अभ्यर्थियों ने कुल 160 रुपए जिसमें 100 रुपए अस्पताल की रजिस्ट्रेशन फीस, 50 रुपए एक्सरे व 10 रुपए लैब टेस्ट के जमा किए। सिविल अस्पातल से सभी टेस्ट कराने में अभ्यर्थियों को एक से दो दिन लग गए। इसके बाद अभ्यर्थी पुराने सिविल अस्पताल के कमरा नंबर सात में जनरल मेडिकल ब्रांच पहुंचे। जहां उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए सभी प्रमाण पत्र जमा कराए। शाम 4:15 पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र मोहन अपने कमरे में पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच कर अभ्यर्थियों को बारी-बारी से बुलवाकर मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र रात आठ बजे तक वितरित कराया।                                         db 



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