जींद :
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बोगस छात्रों की संख्या दिखाने वाले स्कूल
मुखियाओं व शिक्षकों पर गाज गिरनी तय है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने ऐसे
स्कूल मुखियाओं व शिक्षकों के खिलाफ नियम सात के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई
करने का निर्णय लिया है। मौलिक स्कूल निदेशालय की तरफ से ऐसे शिक्षकों की
सूची हर जिले से मांगी गई है ताकि उन्हें नियम सात के तहत दोषी मानते हुए
कार्रवाई की जा सके। यही नहीं दोषी साबित होने के बाद संबंधित शिक्षकों से
उनसे रिकवरी भी की जाएगी। कुछ माह पहले शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों में
झूठे दाखिलों की शिकायत मिली थी। शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए विभाग के
अधिकारियों ने सभी जिलों के ¨प्रसीपलों की ड्यूटी अन्य स्कूलों में इन
दाखिलों की जांच के लिए लगाई थी। जांच में सामने आया कि सरकारी स्कूलों में
कई बच्चों के झूठे दाखिले किए गए हैं जबकि लंबे समय से सरकारी स्कूलों से
बच्चे गैर हाजिर भी चल रहे थे। ऐसे में विभाग ने सभी जिलों से रिपोर्ट
मंगवाने का काम किया था। रिपोर्ट मिलने के बाद चौंकाने वाले आंकड़े सामने
आए थे। रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रदेश के सभी 21 जिलों में 16 लाख 79
हजार 92 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। dj
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News Update:
*** Supreme Court Dismissed SLP of 719 Guest Teachers of Haryana *** यूजीसी नहीं सीबीएसई आयोजित कराएगी नेट *** नौकरी या दाखिला, सत्यापित प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं *** डीडी पावर के लिए हाईकोर्ट पहुंचे मिडिल हेडमास्टर *** बच्चों को फेल न करने की पॉलिसी सही नहीं : शिक्षा मंत्री ***
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