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Thursday, 29 October 2015

हरियाणा की ‘गोल्डन जुबली’ पर मिल सकते हैं ‘गोल्डन तोहफे’

** बोर्ड-निगमों में चेयरमैनों की नियुक्ति को लेकर हो रही है तैयारी
हरियाणा एक नवंबर से ‘स्वर्ण जयंती वर्ष’ में प्रवेश कर रहा है…1966 में इसी दिन अस्तित्व में आये हरियाणा के 50वें जुबली समारोह प्रदेशभर में एक वर्ष तक चलेंगे…इत्तफाक से मौजूदा भाजपा सरकार के गठन का भी एक साल पूरा हुआ है…दोनों अवसरों को जोड़कर बड़ा आयोजन करने की तैयारियां चल रही हैं…सांस्कृतिक-सामाजिक कार्यक्रमों का तो रंग होगा ही, राजनीतिक फैसले भी संभावित हैं…चर्चा यह भी है कि ‘गोल्डन जुबली’ पर कई नेताओं को ‘गोल्डन तोहफ़े’ मिल सकते हैं…
हरियाणा में राजनीतिक नियुक्तियों के दरवाजे खुलने वाले हैं। सरकार ने सभी बोर्ड एवं निगमों से खाली पदों और उनको मिलने वाले मानदेय, सुविधाओं का का ब्योरा मांगा है। कई बोर्ड-निगम रिपोर्ट जमा भी करवा चुके हैं। पहली नवंबर को प्रदेश के ‘गोल्डन जुबली वर्ष’ की शुरुआत हो रही है। मनोहर सरकार भी एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी है।
माना जा रहा है कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिवाली का तोहफा दिया जा सकता है। पहली नवंबर को प्रदेश की 50वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम होंगे। सूत्रों के अनुसार इसके बाद बोर्ड एवं निगमों में चेयरमैनों की नियुक्तियां होंगी। इन राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सीएम मनोहर लाल खट्टर पर लगातार दबाव भी बढ़ रहा है। मामला पार्टी नेतृत्व के अलावा संघ नेताओं तक भी कई बार पहुंचा है। सूत्रों की मानें तो संघ नेताओं के पास भी एक ‘गोपनीय रिपोर्ट’ गई है। इसमें कहा गया है कि पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में सरकार के प्रति नाराज़गी बढ़ रही है। नवंबर के पहले सप्ताह दिल्ली में बैठक भी हो सकती है।
हालांकि जुलाई में खट्टर मंत्रिमंडल विस्तार के बाद तीन नये चेहरे सरकार में शामिल हो चुके हैं। 4 विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव के पदों पर भी एडजेस्ट किया है, लेकिन विधायकों एवं नेताओं की नाराज़गी कम नहीं हो रही है। कई विधायक जहां अब बोर्ड-निगमों की चेयरमैनी के लिए लॉबिंग कर रहे हैं, वहीं संगठन के कुछ पुराने नेता भी लालबत्ती की जुगत में हैं। पार्टी के वे नेता भी दिल्ली दरबार में लॉबिंग कर रहे हैं, जिन्हें विधानसभा में टिकट मिला था लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सके।
फिलहाल सरकार 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली व अपनी वर्षगांठ पर हो रही रैलियों की तैयारियों में जुटी है। इसके बाद पहली नवंबर को प्रदेश की 50वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम होंगे। सूत्रों के अनुसार इसके बाद कभी भी बोर्ड एवं निगमों में चेयरमैनों की नियुक्ति हो सकती है। पार्टी के वे नेता भी दिल्ली दरबार में लॉबिंग कर रहे हैं, जिन्हें विधानसभा में टिकट मिला था लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सके।
चेयरमैन को मिलती हैं ये सुविधाएं
बोर्ड-निगमों की ओर से सरकार को भेजे गये जवाब के अनुसार चेयरमैन को मानदेय के रूप में 50 हजार रुपये मासिक मिलते हैं। सरकारी कोठी मिलती है। कोठी नहीं है तो उसके एवज में 50 हजार मासिक किराया दिया जाता है। क्लास-वन अधिकारी की तर्ज पर टेलीफोन, दैनिक भत्ते, चिकित्सा सुविधाएं दी जाती हैं। लालबत्ती वाली कार, स्टाफ और गार्ड दिए जाते हैं।
इन बोर्ड-निगमों में होनी है ताजपोशी
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, डेयरी विकास कॉरपोरेशन, हरियाणा स्टेट को-आपरेटिव अपेक्स बैंक, फेडरेशन ऑफ को-आपरेटिव शुगर मिल, हैफेड, कानफैड, हारट्रोन, स्टेट कौंसलिंग बोर्ड, हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड, बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हैंडलूम एंड हैंडीक्रॉफ्ट कॉरपोरेशन और हाउसिंग बोर्ड समेत कई बोर्ड-निगमों में ताजपोशी होनी है।
कई आयोगों का होना है पुनर्गठन
राज्य में कई आयोगों का पुनर्गठन भी होना है। हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग का पुनर्गठन हो चुका है। हुड्डा सरकार में बनाए गए आधा दर्जन से अधिक नये आयोगों में भी चेयरमैन और सदस्यों की ताजपोशी होनी है। इनमें अनुसूचित जाति कल्याण आयोग, महिला आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, गौ-सेवा आयोग, बाल विकास आयोग प्रमुख हैं।                                                             dt

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