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Friday, 2 October 2015

‘पंजाब से कम वेतनमान मंजूर नहीं’

** हरियाणा वेतन विसंगति आयोग के सामने सर्व कर्मचारी संघ ने रखे मुद्दे 
चंडीगढ़ : हरियाणा वेतन विसंगति आयोग ने अस्तित्व में आने के करीब एक साल बाद कर्मचारी नेताओं को अपनी बात कहने का मौका दिया। आयोग के समक्ष पंजाब के समान वेतनमान देने और ठेका कर्मचारियों को पक्के कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की पैरवी करते हुए ठोस तर्क दिए। 
सर्व कर्मचारी संघ प्रदेश में कर्मचारियों का सबसे बड़ा संगठन है। हुड्डा के कार्यकाल में गठित वेतन विसंगति आयोग को सितंबर के पहले पखवाड़े में तीन माह का विस्तार मिला है और दिसंबर मध्य तक अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी है। वार्ता में आयोग के अध्यक्ष जी माधवन, सचिव विवेक पदम सिंह, अकाउंट आफिसर और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा, उपमहासचिव जीवन सिंह, उपप्रधान मान सिंह, महिला नेता सबिता व हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव सतीश सेठी शामिल हुए। 
शिष्टमंडल ने कहा कि अगर छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर हुए बिना सातवें वेतन आयोग की सिफारिशंे लागू की गई तो प्रदेश के कर्मचारी वर्ग को भारी आर्थिक नुकसान होगा। छठे वेतन आयोग को लागू करते समय न तो केंद्र के समान और न ही पंजाब के बराबर वेतनमान दिए। हरियाणा का क्लर्क व सिपाही पंजाब के क्लर्क व सिपाही से 16 हजार कम वेतनमान ले रहा है। जनवरी 2008 के बाद जो वेतनमान संशोधित/अपग्रेड किए गए हैं, उनके एसीपी ग्रेड संशोधित नहीं हुए। 4 मार्च 2014 को जो एसीपी संशोधित की गई थी, उसकी ग्रेड-पे में बढ़ोतरी नहीं हुई। एक ही पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त कर्मचारी का वेतन पदोन्नति द्वारा नियुक्त कर्मचारी से अधिक है। संघ ने आयोग के अध्यक्ष को बताया कि स्थायी व अस्थायी स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्य कर रहे ठेका कर्मचारियांे व नियमित कर्मचारियांे के वेतनमान में जमीन-आसमान का अंतर है। इसलिए पंजाब वित्त नियमावली के नियम 19.6 के अनुरूप पदानुसार प्रारंभिक वेतनमान दिए जाएं। शिष्टमंडल ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि जिन यूनियनों, एसोसिएशनों की अभी तक सुनवाई नहीं हुई, उनकी भी शीघ्र सुनवाई की जाए और बोर्डो, निगमांे, विश्वविद्यालयांे के कर्मचारियांे की वेतन विसंगतियों की सुनवाई का अवसर दिया जाए।
कर्मचारियों से इन मुद्दों पर हुई बातचीत
  • आयोग को प्राप्त हुए विभिन्न व्यक्तिगत/एसोसिएशन/यूनियन द्वारा प्रतिवेदनों पर विचार किया जाए। 
  • छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते समय केंद्र सरकार ने पोस्ट/ग्रेड एस-1, एस-2, एस-2ए, एस-3 को पे-बेंड -1एस-4440-7470 ़ ग्रेड पे-1300,1400,1650, को अपग्रेड करके पीबी-1 5200-20200 ़ ग्रेड पे-1800 में अपग्रेड किया है। इसे केंद्र के समान अपग्रेड किया जाए। 
  • एस-9, एस-10, एस-11, 5000-150-8000, 5500-175-9000, 6500-200-9900 को पीबी-द्वितीय, 9300-34800 ग्रेड-पे ़ 4200 प्रदान किया हैं। जबकि प्रदेश में 5000-150-8000, 5450-150-8000, 5500-175-9000, 6500-200-9900 को पी बी-द्वितीय में 9300-34800 ़ ग्रेड पे 3200,3600,4000 व 4200 प्रदान किया हैं। यह केन्द्र के समान सभी वेतनमानों की ग्रेड पे 4200 की जाए। 
  • एक्सग्रेशिया नियुक्ति के प्रावधान को लागू किया जाए।                                                                                 dj 

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