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Tuesday, 24 November 2015

नहीं चलेगा भावी गुरुजी की हाजिरी का फर्जीवाड़ा

** डीएड कॉलेज के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर मान्यता होगी रद
सिरसा : हरियाणा के डीएड कॉलेजों में भावी गुरुजी को अंदरखाते मिलने वाली नॉन अटेंडिंग सुविधा अब बंद होने वाली है। शिक्षा विभाग की पहले से ही इस कथित सुविधा पर टेढ़ी नजर थी अब विभाग ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक तमाम कॉलेजों में एससीईआरटी द्वारा बायोमैट्रिक मशीनें लगाने की योजना तैयार कर ली है। 
अब डीएड विद्यार्थियों को रोजाना सुबह एवं दोपहर कॉलेज में आने एवं जाने पर मशीन में पंचिंग करनी होगी। उक्त मशीनें लगाए जाने संबंधी पत्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् द्वारा तमाम डीएड कॉलेजों में भेजा गया है। पत्र के अनुसार लगातार गैरहाजिर रहने वाले विद्यार्थियों के कॉलेजों से नाम भी काटे जाएंगे। इतना ही नहीं कम हाजिरी वाले भावी गुरुजी एग्जाम में भी नहीं बैठ सकेंगे। साथ ही यदि कोई कॉलेज प्रबंधन हाजिरी रिकॉर्ड में हेराफेरी करेगा तो उसकी एससीईआरटी द्वारा मान्यता भी रद की जाएगी। इससे पूर्व कॉलेजों को पत्र में यह भी आदेश दिए गए हैं कि वह हर सप्ताह की अटेंडेंस ऑनलाइन भेंजे। दरअसल, पिछले काफी सालों से एससीईआरटी को शिकायतें मिल रहीं थीं कि कुछ निजी कॉलेज जेबीटी को दाखिला देने के बाद उनसे मोटा शुल्क वसूलकर उन्हें क्लास में न आने की छूट दी जाती है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव उनके परीक्षा परिणाम पर भी देखने को मिलता है। 
प्रदेश में 351 डीएड कॉलेज
एससीईआरटी द्वारा अटेंडेंस फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। बता दें कि सूबे में 351 डीएड कॉलेज हैं। इनमें रोजाना 20 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। उक्त व्यवस्था 1 जनवरी 2016 से तमाम कॉलेजों में भावी गुरुजी को समय पर कॉलेज आना व जाना पड़ेगा। वे पहले की तरह निजी कॉलेज संचालक को 10 से 15 हजार रुपये देकर नॉन अटेंडिंग का खेल नहीं चला सकेंगे। 
भेजा जा चुका है पत्र
एससीईआरटी डायरेक्टर एवं डीएड प्रभारी अशोक यादव का कहना है कि पत्र भेजा जा चुका है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक कॉलेजों में मशीने लग जाएंगी। एक जनवरी से सभी इसके जरिये हाजिरी लगाएंगे। साथ ही जो जेबीटी विद्यार्थी गैरहाजिर रहता तो उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
विशेष टीम करेगी जांच 
पत्र के मुताबिक एससीईआरटी द्वारा हाजिरी जांच के लिए विशेष टीम का भी गठन किया गया है। उक्त टीम कॉलेजों में जाकर वहां के हाजिरी रिकॉर्ड को जाचेंगी। यदि कोई कॉलेज फर्जी तरीका अपनाकर हाजिरी अपलोड करते वक्त गड़बड़ी करता है तो यह टीम पर शिकंजा कसेगी।                                                           dj

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