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Monday, 17 October 2016

रेशनेलाइजेशन ने बिगाड़ा स्कूलों का भूगोल, 1000 स्टूडेंट्स को पढ़ाएगा अब एक टीचर

** कैसे पढ़ेंगे बच्चे : शिक्षा विभाग ने सीनियर सेकंडरी स्कूलों से साइंस, हिंदी, संस्कृत, एसएस टीचर्स की पोस्ट हटाई 
गुड़गांव : शिक्षा विभाग प्रदेश के सभी गवर्नमेंट स्कूलों का भूगोल बिगाड़ने में जुट गया है। विभाग द्वारा की गई रेशनेलाइजेशन के चलते स्कूलों में अनेक टीचरों की पोस्ट ही समाप्त हो गई हैं। उधर अनेक स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें एक हजार छात्रों को पढ़ाने के लिए महज एक ही सब्जेक्ट टीचर रह गए हैं। 
छात्रों की सिरदर्दी बढ़ी 
शिक्षा विभाग द्वारा शनिवार को टीचरों का रेशनेलाइजेशन किया गया। इस रेशनेलाइजेशन ने एक बार फिर जिले के गवर्नमेंट स्कूलों का भूगोल बिगाड़ दिया है। टीचरों की कमी दूर करने के लिए की गई रेशनेलाइजेशन ने छात्रों की सिरदर्दी बढ़ा दी है। आधा सेशन बीतने के बाद स्कूलों से टीचरों को गायब कर दिया गया है। ऐसे में स्कूल में शिक्षा का स्तर सुधरने की बजाय पूरी तरह से बिगड़ रहा है। अभी प्राइमरी टीचरों की रेशनेलाइजेशन के बाद स्कूलों की स्थिति सुधरी नहीं थी कि एक बार फिर विभाग ने स्कूलों को पूरी तरह से हिला दिया है। गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-4/7 में मिडिल(6 से 8 तक) क्लासों में 800 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां इनके लिए पहले मैथ्स के 4 और साइंस के 3 टीचर थे, लेकिन रेशनेलाइजेशन के तहत यहां साइंस टीचर के सभी पद समाप्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा यहां मैथ्स के चार में से केवल एक ही टीचर शेष रह गए हैं। इसी प्रकार गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कादीपुर में 1000 छात्र हैं। वहां भी केवल एक मैथ्स टीचर का पद शेष है। यहां साइंस के एक भी टीचर नहीं है। गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल खांडसा में 800 से अधिक छात्र हैं। यहां भी एक ही मैथ्स टीचर शेष है जबकि साइंस टीचर एक भी नहीं है। 
मैथ का पद महज दिखावे के लिए ही 
जिले के सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों से साइंस, संस्कृत, हिंदी तथा एसएस के पद को समाप्त कर दिया गया है। मैथ का महज दिखावे के लिए एक पद शेष है। हैरत की बात यह है कि जिले के सभी स्कूलों में प्रत्येक विषय के कम से कम 150 छात्र हैं। 
छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ 
टीचरों की रेशनेलाइजेशन का असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। आधा सेशन बीत चुका है, ऐसे में स्कूलों से टीचरों का ट्रांसफर कर देने पोस्ट खत्म कर देने का असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। एक ओर तो शिक्षा विभाग स्कूलों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है, लेकिन स्कूलों में टीचर होने से यह स्तर कैसे ऊंचा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 
हम आंदोलन करेंगे 
"शिक्षाविभाग द्वारा अव्यावहारिक तरीके से रेशनेलाइजेशन की जा रही है। अधिकारियों ने जिस तरह से रेशनेलाइजेशन की है उससे साफ जाहिर हो रहा है कि अधिकारियों की मंशा विभाग को सिकोड़कर निजी हाथों में दिए जाने की है। इसका हम विरोध करते हुए आंदोलन करेंगे।"-- सत्यनारायणयादव, प्रदेश सचिव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ

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