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Thursday, 13 October 2016

रेशनेलाइजेशन का विरोध, सड़कों पर अध्यापक

भिवानी : टीजीटी व सी एंड वी के पदों की रेशनेलाइजेशन के विरोध में बुधवार को हरियाणा मास्टर्स वर्ग एसोसिएशन (एचएमवीए) की जिला इकाई ने जिला प्रधान सतबीर तंवर के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि टीजीटी व सी एंड वी के पदों की रेशनेलाइजेशन में न तो आरटीई के पूर्ण नॉर्म अपनाए गए और न ही एससीईआरटी गुड़गांव की स्कूली शिक्षा संबंधी नियमों के लिए वैधानिक बॉडी की गाईडलाइनें मानी गईं। एचएमवीए इसका विरोध करता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विज्ञान, गणित, हिंदी, संस्कृत के पदों को पुन: वितरण के नाम पर समाप्त किया गया है। यह सरकारी स्कूलों को अप्रत्यक्ष रूप से बंद करने का प्रयास है। फौगाट ने बताया कि मामले को लेकर 13 अक्तूबर को पंचकूला में एचएमवीए के राज्य कार्यकारिणी की शिक्षा अधिकारियों से मीटिंग होगी। अगर अधिकारी उचित समाधान नहीं करेंगे तो एचएमवीए जल्द ही एक बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी जिसकी जिम्मेवारी सरकार एवं विभाग की होगी। इस मौके उन्होंने मांगों का भी उल्लेख किया।
विज्ञान व गणित का एक पद भी नहीं : 
संगठन के राज्य उप प्रधान यादवेंद्र फौगाट ने बताया कि अनेक ऐसे स्कूल हैं जिनमें एसएसअध्यापकों के तो कई-कई पद सृजित किए हैं परंतु विज्ञान व गणित का एक पद अभी नहीं।
तबादलों के स्टेशनों का टोटा
गोहाना  : रेशनेलाइजेशन नीति में पद ही समाप्त कर दिए जाने तथा रिक्त बचे पदों में से अधिकांश को होल्ड पर रख कैप्ट वैकेंसी घोषित कर देने से टी.जी.टी. और सी. एंड वी. अध्यापकों के तबादलों के लिए स्टेशनों का अभूतपूर्व संकट उत्पन्न हो गया है। बुधवार को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की सोनीपत जिला कार्यकारिणी की बैठक में आशंका व्यक्त की गयी कि या तो शिक्षकों को दूसरे जिलों की राह पकड़नी होगी अन्यथा वर्तमान जिलों में भी दूर के स्टेशन मिलेंगे।
विभाग को सिकोड़ रही सरकार
फतेहाबाद  : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की बैठक आज जिला प्रधान रघुनाथ मैहता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संघ नेताओं ने कहा कि सरकर द्वारा स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता की आड़ में विभाग को सिकोड़ने की नीति लागू की जा रही है जिसका अध्यापक संघ पुरजोर विरोध करता है।
‘नियमों’ को नहीं किया सार्वजनिक
तंवर ने कहा कि रेशनेलाइजेशन के नियमों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। स्कूलों में मुख्य विषयों के पद कम करके उन्हें सरप्लस दिखाया गया है। अध्यापकों के साथ हुए इस उत्पीड़न का एचएमवीए विरोध करती है।

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