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Sunday, 23 October 2016

वेतन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने पर सवाल

झज्जर : सातवें वेतन आयोग पर वित्त मंत्री द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने अपनी प्रतिक्रिया दी और इसे सार्वजनिक नहीं करने पर सवाल उठाया।
कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव विरेन्द्र सिंह धनखड़ इस रिपोर्ट को लेकर कहा कि यह लगातार दूसरा मौका है जब जी माधवन आयोग की रिपोर्ट मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा राज्य सरकार को सौंपे जाने के बाद भी सार्वजनिक नहीं की गई। धनखड़ ने राज्य सरकार से सवाल किया है कि क्या मुख्य तौर पर सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थाओं की जो पिछली वेतन विसंगतियां थी उन्हें दूर कर दिया गया है।
वित्त मंत्री द्वारा दिये गये बयान से इस सन्दर्भ में कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाया, जिसके चलते कर्मचारी वर्ग में निराशा है। धनखड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वायदे के अनुसार न तो पंजाब के समान वेतनमान के बारे में और न ही केंद्र के समान वेतनमान के बारे में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।   जबकि महासंघ ने 3 अक्तूबर को कमेटी को सौंपे गये अपने प्रतिवेदन में मुख्य रूप से 18 बिन्दुओं पर चर्चा की गई थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार नया पे-कमीशन लागू करते वक्त सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करेगी। इतना ही नहीं राज्य में रिक्त पड़े लाखों पदों पर स्थाई भर्ती और सरकारी विभागों के साथ बोर्डों, निगमों में भी वेतन आयोग समान रूप से लागू करने का प्रावधान करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग के अनुसार सातवां वेतन आयोग लागू करते वक्त क्या राज्य सरकार इस बात का भी ध्यान रखेगी कि पंजाब के मंत्री, विधायकों से हरियाणा के मंत्री व विधायक कहीं ज्यादा वेतनमान व भत्ते ले रहे हैं।
मशाल जुलूस 25 अक्तूबर को 
वित्तमंत्री कै़ अभिमन्यू द्वारा घोषित 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कर्मचारियों को रास नहीं आ रही। इस मसले को लेकर शनिवार को जलघर में कर्मचारियों की बैठक हुई और वित्तमंत्री द्वारा पेश की गई 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट के प्रारूप पर विरोध जताया और इसके खिलाफ 25 अक्तूबर को मशाल जुलूस निकालने का फैसला लिया। सर्व कर्मचारी संघ के जयपाल गुढा व राजेन्द्र जुलाना ने बताया कि समिति ने आयोग की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, लेकिन इस रिपोर्ट में सरकार के साथ कर्मचारी नेताओं की 3 अक्तूबर की वार्ता और प्रस्ताव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। रिपोर्ट में सरकार का कर्मचारी विरोध चेहरा उजागर हुआ है।

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