नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पुनर्मुल्यांकन की
सुविधा वर्ष 2017 में खत्म कर देगा। अभी यह सुविधा बारहवीं में 10 विषयों
में उपलब्ध है। बोर्ड अधिकारियों की मानें तो करीब 1.8 फीसद छात्र
पुनर्मूल्याकंन के लिए आवेदन करते हैं, जिनमें से 0.05 फीसद मामले में ही
कुछ खामी मिलती है। इतने कम विद्यार्थियों के लिए सुविधा को जारी रखने का
औचित्य नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष राजेश कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि हमारी
कोशिश है कि मूल्याकंन व्यवस्था को इतना बेहतर बनाया जाए कि पुनमरूल्यांकन
की जरूरत ही न पड़े।
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