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Friday, 10 April 2015

10 वीं की कॉपियों में भेजी 12 की आंसरशीट

** बोर्ड का कारनामा : दो कॉपियों की जांच के बाद शिक्षक ने पकड़ी लापरवाही, दसवीं की 80 कॉपियां भी गलत भेजी बोर्ड ने 
महेंद्रगढ़ : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कारनामे के चलते विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है। बोर्ड की लापरवाही के चलते दसवीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने वाले परीक्षकों को 12वीं की उत्तरपुस्तिकाएं दे दी गईं। 
ऐसे में प्रदेश के 12वीं कक्षा के डेढ़ दर्जन विद्यार्थियों का भविष्य इस बार अधर में लटक जाता यदि एक शिक्षक ने जागरूकता का परिचय नहीं दिया होता। इतना ही नहीं 10वीं कक्षा के फिजिकल स्पोर्ट्स विषय की 80 उत्तरपुस्तिकाएं भी बोर्ड ने फिजिकल विषय समझकर भेज दी। इन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच भी फिजिकल वाले प्रश्नपत्र से की जाती तो समझ सकते हैं कि उक्त सभी विद्यार्थियों के भविष्य से भी खिलवाड़ होता। 
ऐसा हुआ खुलासा : 
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के बाद एक अप्रैल से उत्तरपुस्तिकाओं की चैकिंग का कार्य चल रहा है, जो 13 अप्रैल तक चलेगा। महेंद्रगढ़ के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। कन्या विद्यालय में 10वीं तथा मॉडल संस्कृति स्कूल में 12वीं की परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की जांच चल रही है। गुरुवार को भी जांच की जा रही थी। इस दौरान एक शिक्षक रतनलाल ने ज्यों ही उत्तरपुस्तिका जांच शुरू की तो प्रश्न पत्र के अनुसार उत्तर नहीं दिए जाने पर उन्होंने उत्तरपुस्तिका में लिखे सभी उत्तरों को काट दिया। दूसरी उत्तरपुस्तिका उठाई और जांच शुरू कर दी। इसमें भी उत्तर प्रश्न अनुसार नहीं दिए जाने के कारण सभी उत्तरों को काट दिया। इस पर उनके मन में शंका हुई कि ऐसा नहीं हो सकता कि सभी प्रश्न गलत हो। उन्होंने जब उत्तरपुस्तिका को अच्छी प्रकार से पढ़ा तो उन्हें लगा कि यह 12वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिका हो सकती है। इस पर उन्होंने उन उत्तरपुस्तिकाओं को अन्य परीक्षकों को दिखाया तो शंक यकीन में बदल गया। जिसके बाद अधिकारियों को बताया गया। 
10वीं की उत्तरपुस्तिकाओं में 18 कॉपियां 12वीं की  
महेंद्रगढ़ के कन्या स्कूल में गुरुवार को 10वीं कक्षा की कॉपियों की चैकिंग की जा रही थी। अंग्रेजी विषय के शिक्षक द्वारा दो कॉपिया जांचने के बाद पता चला कि ये कॉपियां 12वीं कक्षा की है। इस पर जब सभी कॉपियों का निरीक्षण किया गया तो उनमें से 18 कॉपियां 12वीं कक्षा की अंग्रेजी विषय की प्रथम सेमेस्टर की रि-अपीयर की मिली। जांच के दौरान यदि शिक्षक सतर्क नहीं होता तो 18 विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद हो जाता।
फिजिकल के भरोसे 80 कॉपियां भेजी फिजिकल एंड स्पोर्ट्स की 
बोर्ड की कारगुजारियां यहीं खत्म नहीं होती। फिजिकल विषय की कॉपियों के भरोसे बोर्ड ने 80 कॉपियां फिजिकल एंड स्पोर्ट्स की भेज दी। इन कॉपियों को फिजिकल के प्रश्न पत्र से चैक किया जाता तो सभी विद्यार्थी फेल ही होते तथा उनका एक वर्ष का समय खराब हो जाता। ऐसे में सोचा जा सकता है कि बोर्ड ने कितनी घोर लापरवाही कर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। 
लिखने के साथ-साथ फोन पर भी करवाया अवगत
"मार्किंग कंट्रोलर सुरेन्द्र गाहड़ा ने बताया कि राजकीय कन्या स्कूल में 10वीं की कॉपियों की चैकिंग के दौरान मिली 12वीं की कॉपियों के बारे में बोर्ड प्रशासन को लिखा जा चुका है तथा बोर्ड द्वारा उपलब्ध करवाएं गए नंबरों पर भी फोन द्वारा जानकारी दे दी गई है। उन्हें कहा गया है कि शुक्रवार को बोर्ड उक्त कॉपियों को वापस मंगवा लेगा।"
"हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के राज्य उप प्रधान डॉ. लालचन्द ने बताया कि मार्किंग करने वाले शिक्षकों की बदौलत आज हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की घोर लापरवाही उजागर हुई है। यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षक अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं।"                                                                 db

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