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Sunday, 11 May 2014

आखिरकार स्कूलों में पहुंचीं किताबें

चंडीगढ़ : सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकें पहुंच गई हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब सरकारी स्कूलों में सरकार की ओर से दी जाने वाली पाठ्य प्रस्तकें समय पर पहुंची हैं। आमतौर पर होता यह था कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं आने को होती थी और उस समय पुस्तकें उन्हें मिलती थीं। याद रहे कि प्रदेश सरकार की ओर से पहले से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य प्रस्तकें मुहैया करवाई जाती हैं।
गत वर्ष तक पहली से आठवीं कक्षा तक के अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व बीपीएल परिवारों के विद्यार्थियों को ही मुफ्त पाठ्य प्रस्तकें दी जाती थीं। इस बार से सरकार ने सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क पुस्तकें देने का फैसला लिया था। बताते हैं कि इसके बाद प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के 21 लाख से अधिक विद्यार्थियों को यह पुस्तकें दी गई हैं।
शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों तक पाठ्य पुस्तकें पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पहली व दूसरी कक्षा के 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पुस्तकें पहुंचाई जा चुकी हैं। इसी तरह से तीसरी व चौथी कक्षा के साढ़े 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी गई हैं। इस योजना का लाभ उठाने वाले पांचवीं व छठी कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या करीब 6 लाख की है। उन्होंने कहा कि सातवीं कक्षा के ढाई लाख से अधिक और करीब इतने ही आठवीं के विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें दी गई हैं।                       dt

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