हिसार : हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने सरकार की शिक्षा के प्रति गैर जिम्मेदाराना नीतियों पर गहरा रोष प्रकट किया है। हसला ने आरोप लगाया है कि इन नीतियों के माध्यम से सरकार शिक्षकों में फूट डालकर सरकारी स्कूलों को प्राइवेट हाथों में सौंपना चाहती है, जिसे हसला कभी सहन नहीं करेगी। हसला के जिला अध्यक्ष भगवान दत्त शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज का आधार होती है। किसी भी समाज एवं राष्ट्र को सही दिशा देनी है, तो उन्हें वैज्ञानिक गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था ही ऐसा कर सकती है। वरिष्ठ माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में प्राध्यापक की जगह केवल जेबीटी अध्यापकों की ड्यूटी लगाने का हसला विरोध करती है। किशोर एवं युवा के मनोविज्ञान को केवल प्राध्यापक ही अच्छी प्रकार से समझ सकता है। हसला समाज के बुद्धिजीवियों से भी आह्वान करती है कि वे सरकार के शिक्षा के प्रति उदासीन रवैये का विरोध करें। dj
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*** Supreme Court Dismissed SLP of 719 Guest Teachers of Haryana *** यूजीसी नहीं सीबीएसई आयोजित कराएगी नेट *** नौकरी या दाखिला, सत्यापित प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं *** डीडी पावर के लिए हाईकोर्ट पहुंचे मिडिल हेडमास्टर *** बच्चों को फेल न करने की पॉलिसी सही नहीं : शिक्षा मंत्री ***
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