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Thursday, 13 March 2014

शिक्षा विभाग के नए फरमान ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत

** 25 से 28 मार्च तक स्कूलों में तीसरी व पांचवी कक्षा के बच्चों की ली जाएगी परीक्षा 
** 55 स्कूलों में 4160 बच्चे देंगे परीक्षा, तैयारी के लिए दिए गए हैं केवल 20 दिन 
गोहाना : शिक्षा के गिरते स्तर में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों का बेस मजबूत किया जाएगा। इसकी शुरूआत प्राइमरी स्कूल में पढऩे वाली तीसरी और पांचवी कक्षा के छात्रों से की है। विभाग द्वारा छात्रों की परीक्षा ली जाएगी, इसके माध्यम से विभाग यह जानने का प्रयास करेगा कि बच्चों ने स्कूल में क्या सीखा। परीक्षा 25 से 28 मार्च तक होगी। जबकि विभाग की तरफ से आदेश 7 मार्च को स्कूलों में पहुंच गए थे। जिसके चलते बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने के लिए 20 दिन से भी कम समय है। विभाग परीक्षा को मात्र सर्वे का नाम दे रहा है। 
आरटीई एक्ट 2010 लागू होने के पश्चात बच्चों की ली जाने वाली परीक्षा को बंद कर दिया था। जिसके बाद प्राथमिक और हाई स्कूल के छात्रों के परिणाम आशानुरूप नहीं आ रहे थे। विभाग ने परिणाम को लेकर मंथन किया तो प्राइमरी स्तर पर शिक्षा में सुधार करने की जरूरत महसूस की गई। कुछ शिक्षकों का कहना था कि प्राइमरी स्तर पर ही बच्चा कमजोर था, उनके प्रयास के बाद भी बच्चा बेहतर प्रफोरमेंस नहीं कर पाया। इसलिए विभाग ने शिक्षा का सुदृढीकरण करने के लिए योजना बनाई है। जिससे टेस्ट के माध्यम से यह पता लगाया जा सके कि बच्चे का बौद्धिक स्तर का लेवल क्या है और उसने स्कूल में आकर क्या सीखा है। उसके आधार पर शिक्षकों के प्रयासों का भी आंकलन हो जाएगा। विभाग का कहना है कि इस परीक्षा का बच्चों की वार्षिक परीक्षा के परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 
108 टीचरों को बनाया जा रहा है कुशल 
सर्वे के लिए विभाग ने 108 पीजीटी व जेबीटी की ड्यूटी लगाई है। जिन्हें ट्रेंड करने के लिए बीईईओ कार्यालय में ट्रेनिंग दी जा रही है। टीचरों को ट्रेनिंग देने के लिए सोनीपत से ट्रेनरों को बुलाया गया है। जो उन्हें सर्वे के दौरान किए जाने वाले कार्य के बारे में बता रहे हैं। ट्रेनिंग एक दिन की है, जो चार दिन तक चलेगी। 
सभी बच्चों का कराया जाए सर्वे
"शिक्षा विभाग को सभी कक्षाओं के सर्वे कराने चाहिए ताकि छात्रों को उनकी खामियों का पता चल सके। इससे स्कूल प्रबंधन व अध्यापकों की अनियमिताओं का भी आंकलन होगा। जिससे प्रदेश के शिक्षा तंत्र में सुदृड होगा। परीक्षा में फेल न होने और आठवीं कक्षा का बोर्ड समाप्त होने से छात्र शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं होते। ऐसे में विभाग की इस पहल से बच्चों की नींव मजबूत होगी तथा शिक्षा की गुणवता में भी सुधार होगा।''--शकुंतला बजाज, प्रिंसीपल, मंडी स्कूल।
"ब्लॉक के सभी स्कूलों में 25 से 28 मार्च तक तीसरी व पांचवी कक्षा की परीक्षा होगाी। जिसके लिए पीजीटी व जेबीटी शिक्षकों की टीमें गठित कर दी गई है। नई व्यवस्था के अंतर्गत उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बच्चों को भी इसका फायदा मिलेगा।''--अनिल गोयल, जिला विज्ञान विशषेज्ञ, सोनीपत।                                            db

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