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Thursday, 26 February 2015

10वीं व 12वीं के एग्जाम के बाद होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा

** पात्रता परीक्षा को अप्रैल माह के मध्य में आयोजित किया जाएगाा 
** परीक्षा को इस बार ऑनलाइन के साथ आवेदनों को भी ऑनलाइन करने की बनाई योजना 
पानीपत : सरकारी शिक्षक बनने की प्रक्रिया में अहम हो चुकी हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर अब बोर्ड की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। चूंकि मार्च में कक्षा दसवीं 12वीं के एग्जाम होंगे, इसलिए पात्रता परीक्षा को अप्रैल मध्य में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा को इस बार ऑनलाइन करने के साथ-साथ आवेदनों को भी ऑनलाइन करने की योजना है। 
हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षकों के लिए आयोजित की जाने शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) को ऑनलाइन करने की तैयारियों में जुटा है। 2013 की पात्रता परीक्षा में चार लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक रहा था। महज पांच फीसदी ही विद्यार्थी परीक्षा को क्लियर करने में कामयाब हो सके थे। 2014 में पात्रता परीक्षा हो ही नहीं सकी थी। 
हर साल नहीं हो सकी परीक्षा 
पात्रता परीक्षा वर्ष 2008 में शुरू हुई थी और कहा गया था यह हर साल होगी परीक्षा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 2010 में यह परीक्षा नहीं हुई। फिर 2012 में भी ऐसा ही हुआ और साल 2014 भी ऐसे ही खाली गया। 
ऑनलाइन और आफ-लाइन दोनों ही विकल्प
अभी तक बोर्ड की ओर से जितनी बार भी पात्रता परीक्षा आयोजित की हैं उसमें परीक्षार्थियों को दूर दराज के जिलों में जाकर परीक्षा देनी पड़ रही है। जींद के परीक्षार्थी रोहतक, कैथल, सिरसा तक जाकर परीक्षा देते रहे हैं। यदि बोर्ड का प्रयास सफल रहा तो लाखों परीक्षार्थियों को दूसरे जिलों में एक दिन पहले पहुंचने की परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। जानकारी के अनुसार परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन और आफ-लाइन दोनों ही विकल्प दिए जाएंगे ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा दे सकें।
 ...लेकिन हमेशा बढ़ते गए परीक्षार्थी
बेशक हर साल राज्य सरकार यह परीक्षा संचालित नहीं कर सकी, लेकिन शिक्षक के रूप में अपने करियर को सुरक्षित करने के लिए विद्यार्थियों का रुझान साल दर साल लगातार बढ़ता ही गया। अक्टूबर 2008 में जब पहली बार यह परीक्षा हुई थी तब एक लाख 73 हजार परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी थी, उसके बाद जुलाई 2009 में यह संख्या घटी और तब एक लाख 31 हजार ने यह परीक्षा दी। इसी साल दिसंबर में दोबारा यह परीक्षा हुई तो एक लाख 62 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी तथा 2013 में हुई परीक्षा में सभी रिकार्ड पीछे रह गए और चार लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी।                                     db

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