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Saturday, 28 February 2015

शिक्षा विभाग की लेटलतीफी के कारण 70 हजार विद्यार्थी और शिक्षक असमंजस में

** मनमानी : अब पता चला कि एक माह बाद होगी पहली से 8वीं तक की वार्षिक परीक्षा
** वर्ष 2009 के बाद से बंद है पहली से आठवीं तक की परीक्षा
कुरुक्षेत्र : प्रदेश का शिक्षा विभाग रोजाना नए कारनामे कर रहा है। पिछले छह साल से बंद हुई आठवीं कक्षा की परीक्षा दोबारा लेने की सूचना शिक्षकों विद्यार्थियों को महज एक महीने पहले दी गई है। इतना ही नहीं इससे पहले सेमेस्टर के आधार पर आधे सिलेबस में से परीक्षा होती थी। वहीं इस बार पूरे सिलेबस की परीक्षा लेने के आदेश जारी किए गए है। 
ऐसे में गवर्नमेंट स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 70 हजार विद्यार्थी शिक्षक असमंजस में हैं कि एक महीने में वे पूरे सिलेबस की तैयारी कैसे कर पाएंगे। इस सवाल का जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है। अधिकारी एक ही बात कह रहे हैं कि आला अधिकारियों के आदेशों का पालन किया जाएगा। 
विद्यार्थी बोले कैसे होगी तैयारी : 
ज्योतिसर स्कूल में पढ़ने वाले राहुल, ज्योति, कमल, पवन और विनोद ने कहा कि एक महीने में पूरे सिलेबस की तैयारी वे कैसे करेंगे। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें सेमेस्टर सिस्टम के आधार पर पढ़ाया गया। जिसके चलते आधे सिलेबस को पढ़े हुए तो उन्हें छह महीने का समय बीत चुका है। ऐसे में पूरे सिलेबस की परीक्षा लेने का फैसला पूरी तरह से गलत है। विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी पुरानी किताबें फट भी चुकी हैं। ऐसे में अब दोबारा पुरानी पुस्तकों को पढक़र परीक्षा देना उन्हें परेशानी में डाल देगा। 
सेमेस्टर अनुसार होती थी परीक्षा
राजकीय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान जवाहर गोयल और प्रेस सचिव डॉ. रजनीश कौशिक ने कहा कि पहली से आठवीं कक्षा तक सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार परीक्षाएं ली जाती थी। ऐसे में एक महीने पहले विभाग का पूरे सिलेबस में से परीक्षा लेने का आदेश पूरी तरह से गलत है। गोयल ने कहा कि परीक्षाएं होना अच्छी बात है, लेकिन इसकी जानकारी विद्यार्थियों शिक्षक दोनों को सत्र की शुरुआत में ही मिलनी चाहिए। अगर पूरा साल विद्यार्थियों शिक्षकों को पता नहीं होगा कि परीक्षाएं लेनी हैं और आखिर के महीने में एकदम से परीक्षाएं लेने के आदेश जारी किए जाएं तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को योजनाएं बनाने से पहले धरातल की स्थिति को देखना चाहिए। इसी के बाद आदेश जारी करने चाहिएं। डॉ. कौशिक ने बताया कि अब से पहले सेेमेस्टर के अनुसार विद्यार्थियों को पढ़ाई कराई गई है। ऐसे में विद्यार्थी पूरे सिलेबस की परीक्षा के लिए तैयार ही नहीं हैं। 
सीधी बात धीरज मलिक, डीईईओ कुरुक्षेत्र 
सवाल- वार्षिकपरीक्षाएं लेने की सूचना शिक्षकों को महज एक महीने पहले क्यों दी गई। 
जवाब-जैसेही शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए उसकी सूचना तुरंत सभी शिक्षकों को दी गई। 
सवाल-सेमेस्टरसिस्टम के तहत पढ़ाई होती है, लेकिन पूरे सिलेबस के अनुसार परीक्षा क्यों ली जा रही है। 
जवाब-सेमेस्टरसिस्टम 10वीं 12वीं कक्षा के लिए था। वहीं पहली से आठवीं कक्षा तक परीक्षाएं नहीं होती थी। पूरा सिलेबस ही विद्यार्थियों को कराया जाता था। इसलिए पहली से आठवीं तक की परीक्षा पूरे सिलेबस के आधार पर होगी।                                         db

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