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Monday, 28 April 2014

नाराज हुए शिक्षकों को सीएम के राजनीतिक सचिव ने मनाया

** प्रमोशन से पहले शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे रेशनलाइजेशन का मामला
रोहतक : प्रमोशन से पहले शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे रेशनलाइजेशन का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए रविवार को शिक्षक हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के बैनर तले डबल पार्क में एकत्रित हुए। जिला प्रशासन ने शिक्षकों का ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार को मौके पर भेजा तो गुरुजी नाराज हो गए। 
उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया तो तहसीलदार प्रताप सिंह ने भी शिक्षकों को कहा कि आपका ज्ञापन लेने के लिए कोई नहीं आएगा। शिक्षकों ने तहसीलदार से दो टूका कहा कि हम आपको ज्ञापन नहीं देंगे, चाहे रात तक इंतजार करना पड़े ।
इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जेके मल्होत्रा पहुंचे और ज्ञापन लिया। प्रमोशन से पहले शिक्षकों के होने जा रहे रेशनलाइजेशन सहित अन्य कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को ज्ञापन देने के लिए रविवार को शिक्षक इकठ्ठा हुए। इसमें जिले के अलावा जींद, पानीपत व झज्जर व राज्यकारिणी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। तभी तहसीलदार ज्ञापन लेने के लिए पहुंच गए। शिक्षक भड़क गए और ज्ञापन देने से मना कर दिया। तहसीलदार ने भी शिक्षकों कह दिया कि आप लोगों का ज्ञापन लेने के लिए अब कोई नहीं आएगा। बस इसी बात पर शिक्षक भी नाराज हो गए और कहा कि हम रात-दिन यहीं पर बैठे रहेंगे, लेकिन ज्ञापन सीएम या फिर उनके प्रतिनिधि को ही देकर ही जाएंगे। बैठक में एसोसिएशन के राज्य संरक्षक सतपाल बूरा, राज्य प्रधान रमेश मलिक, राज्य उप प्रधान राजसिंह मलिक, रोहतक प्रधान राकेश नरवाल, यादवेन्द्र, करनैल सिंह, राजेन्द्र नेहरा, रोहताश, सुरेश धनखड़, सुरेन्द्र सहरावत, सुरेन्द्र अहलावत आदि मौजूद रहे। 
इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
  • कक्षा 5  से 8 तक का कार्यभार टीजीटी में जोड़ा जाए। 36 छात्र होते ही दूसरा सेक्शन बनाया जाए। 
  • टीजीटी की एसीपी की शक्तियां जिला स्तर पर दी जाए क्योंकि पहले ही बड़ी संख्या में एसीपी के मामले निदेशालय स्तर पर महीनों से अटके पड़े हैं। 
  • मौलिक स्कूल में मुख्य अध्यापकों की नियमानुसार वरिष्ठता सूची बनाकर पदोन्नति की जाए। 
  • रेशनेलाइजेशन से पहले विषय की शर्त हटाकर पीजीटी पदों पर पदोन्नति की जाए तथा पीजीटी के सभी विषयों में पदोन्नति का कोटा तय किया जाए। 
  • मेवात में कार्यरत स्टेट कैडर के टीजीटी शिक्षकों को उनके मूल स्टेट कैडर की परिधि में लाया जाए। 

सॉरी, अब 16 मई के बाद ही कुछ होगा 
जेके मल्होत्रा ने शिक्षकों का ज्ञापन लेकर कहा कि-सॉरी, इस मुद्दे पर अब 16 मई के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। आचार संहिता खत्म होते ही सीएम के साथ इस मुद्दे को लेकर बैठक की जाएगी और उसमें आप लोगों के पक्ष में जरूर कोई निर्णय निकलेगा।                                db

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