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Wednesday, 12 November 2014

स्टूडेंट्स जाम लगाकर बोले, गुरुजनों की मार्किंग सही नहीं

** आरोप: कम समय में प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित करने का लगाया आरोप, डंडे का डर दिखाकर खुलवाया जाम 
करनाल : विभिन्न स्कूलों के दसवीं-बारहवीं कक्षा के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रथम सेमेस्टर के खराब रिजल्ट के विरोध में बस स्टैंड के पीछे गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने चौक पर जाम लगा दिया। विद्यार्थियों ने लगभग 40 मिनिट तक जाम के दौरान पेपरों की गलत मार्किंग का आरोप लगाते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। जाम लगाने से जब ट्रैफिक बाधित हुआ तो पुलिस ने विद्यार्थियों को डंडे का डर दिखाते हुए बलपूर्वक खदेड़ दिया। 
पुलिस द्वारा उन्हें चौक से खदेड़ दिए जाने के बाद भी छात्र-छात्राओं ने अपने प्रदर्शन को जारी रखा और डीसी कार्यालय की और कूच किया। विद्यार्थियों की मांग थी कि पेपरों की मार्किंग दोबारा से कराई जाए, ताकि मेहनत से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ न्याय हो सके। 
मामले को बढ़ता देख इस दौरान सिविल लाइन थाना के बाहर डीएसपी राजकुमार ने छात्र-छात्राओं से बात की। इसी दौरान तहसीलदार हरीओम अत्री भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से ज्ञापन लिया। उन्होंने प्रशासन के आला अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने हुए जांच कराने का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का गुस्सा शांत किया। हैरानी की बात यह रही कि शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी ने विद्यार्थियाें की सुध नहीं ली। 
"अगर किसी विद्यार्थी को परीक्षा के अंकों पर संदेह है तो उनके पास पुनर्मूल्यांकन का विकल्प है। प्रत्येक जिले के पेपर दूसरे जिले में चेक होते हैं। उनके यहां पर पेपर मार्किंग में लापरवाही नहीं है। जिन विद्यार्थियों ने जाम लगाया है, उन स्कूलों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी जाएगी।"--आशा मुंजाल, डीईओ करनाल। 
"पुलिस ने जाम खुलवाया है, किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। बच्चों की जो भी शिकायत है, संबंधित विभाग के माध्यम से जांच कराकर समाधान किया जाएगा।"--हरी ओम अत्री, तहसीलदार करनाल।                                    db

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