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Sunday, 15 February 2015

बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी टीचर पर

** छठी से 12वीं कक्षा के बच्चों को दी जाएगी फोलिक एसिड की खुराक, हर माह तैयार करनी है अध्यापकों को रिपोर्ट 
** इस माह यह रिपोर्ट 28 फरवरी को देनी होगी
उचाना : बच्चों के बचपन को खुशहाल बनाने स्वस्थ रखने के लिए अब स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापकों को एक नई जिम्मेदारी भी दी गई है। 
यह जिम्मेदारी है बच्चों को स्कूल में दी जाने वाली दवा की। अब अध्यापकों को यह भी रिपोर्ट हर माह तैयार करके देनी होगी कि कितने बच्चों ने दवा ली है, कितनों ने दवा नहीं ली है। 
सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा के तक बच्चों को फोलिक एसिड की खुराक दी जानी है। इस रिपोर्ट को अध्यापक, प्राचार्य अलग-अलग तैयार करेंगे। 
यूं तैयार होगी रिपोर्ट 
स्कूल में बच्चों की दवा के लिए चार स्तरों पर रिपोर्ट तैयार होगी। इसके लिए अलग-अलग प्रोफार्मा बनाया गया है। पहला प्रोफार्मा कक्षा अध्यापक को भरना होगा। इस रिपोर्ट पर स्कूल प्राचार्य दूसरा प्रोफार्मा भरेगा। तीसरा प्रोफार्मा खंड शिक्षा अधिकारी भरेगा। तीनों की रिपोर्ट के आधार पर ही जिला शिक्षा अधिकारी रिपोर्ट आगे अधिकारियों को भेजेंगे। स्कूलों में बच्चों को दवा सप्ताह में एक दिन दी जाएगी और रिपोर्ट माह के अंत में प्रस्तुत करना होगा। 
हर सप्ताह बनानी होगी सूची 
बच्चों के बचपन को स्वस्थ बनाने के लिए स्कूलों में दी जाने वाली फोलिक एसिड की दवा कितने बच्चों ने दवा ली, कितने बच्चों ने दवा ली है इसकी रिपोर्ट हर सप्ताह बनानी होगी। जिन बच्चों ने दवा नहीं ली है उसके कारण क्या हैं। स्कूल स्तर पर यह रिपोर्ट तैयार होगी। समय के साथ बदल रहे खानपान के चलते बच्चों में अनेक प्रकार की बीमारी हो जाती है। सबसे ज्यादा बच्चों में खून की कमी मिलती है। छठी से 12वीं कक्षा के तक विद्यार्थियों को फोलिक एसिड की खुराक देनी होगी। 
हर सप्ताह देनी होगी दवा 
"फोलिक एसिड कार्यक्रम के तहत 11 फरवरी को खंड के स्कूलों में कक्षा छठीं से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को दवा की खुराक दी गई। हर सप्ताह ये दवा दी जाएगी। इसको लेकर अध्यापक, प्राचार्य को रिपोर्ट तैयार करनी होगी। यह रिपोर्ट हर महीने जिला मुख्यालय देनी होगी।"-- राजकुमारअहलावत, खंड शिक्षा अधिकारी, उचाना।                                                 db

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