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Friday, 11 December 2015

सीएम ने गिनाई पंजाब के समान वेतनमान की खामियां

** सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच हुई बातचीत
** केंद्र के स्वीकार करते ही सातवां वेतन आयोग लागू करेंगे 
** चाइल्ड केयर लीव लेने के लिए अर्जित अवकाश की शर्त हटी
चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव लेने के लिए अर्जित अवकाश की शर्त हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों की बढ़ती सेवा अवधि के अनुसार आकस्मिक अवकाश बढ़ाने व गर्भाशय निकालने की स्थिति में अवकाश देने की मांग पर जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद बताया कि कर्मचारियों को कैशलैस इलाज की सुविधा दिए जाने की मांग पर पड़ोसी राज्यों की नीतियों का अध्ययन किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 7वें आयोग की सिफारिशों को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदेश सरकार भी उसे जल्द से जल्द लागू करेगी। बोर्ड व कापरेरेशन के कर्मचारियों के वेतन विसंगति मामलों की सुनवाई किए जाने की मांग को भी मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी कर्मचारी को नौकरी से निकालने की पक्षधर नहीं है। उन्होंने स्कूल चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के समान वेतनमान लागू करने की दिशा में अध्ययन किया जा रहा है लेकिन अभी तक इस कार्य में कुछ बाधाएं भी सामने आई हैं। अनेक मामलों में हरियाणा के कर्मचारी पंजाब के कर्मचारियों से ज्यादा लाभ ले रहे हैं। पंजाब के कर्मचारी को 25 साल की सेवा के बाद पूरी पेंशन हासिल होती है। हरियाणा में यह 20 साल की सेवा अवधि के बाद ही कर्मचारी को मिल जाती है। इसी प्रकार से पंजाब के कर्मचारियों की लीव एनकेशमेंट 240 छुट्टियों की है, जबकि हरियाणा में 300 छुट्टियों की लीव एनकेशमेंट है। 
आरक्षण आधार पर पदोन्नति हासिल करने वाले अधिकारियों को रिवर्ट न करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में सरकार तथ्यों के आधार पर न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। इसे सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक मुलाजिम का ईपीएफ व ईएसआइ का पैसा कटे और उनकी तनख्वाह सीधे उनके बैंक खाते में जाए।                                                 dj 




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